Bhopal News: 10 साल के बच्चे को श्वान ने काटा, हमीदिया में दवा तक नहीं मिली, रात में पांच घंटे इलाज के लिए भटकते रहे स्वजन
हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे स्वजन, तो एक से दूसरे विभाग में भेजा। आखिरकार कुछ युवकों ने मदद करते हुए बाहर से लाकर दी दवा व रैबीज का इंजेक्शन। ...और पढ़ें
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Mon, 25 Sep 2023 08:18:39 AM (IST)Updated Date: Mon, 25 Sep 2023 08:18:39 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हमीदिया अस्पताल की अव्यवस्थाएं और जिम्मेदारों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि मरीजों को रैबीज का इंजेक्शन लगवाने और घाव पर पट्टी कराने के लिए पांच घंटे तक एक से दूसरे विभाग में घुमाया जाता है। ऐसा ही एक मामला शनिवार शाम को सामने आया है। 10 वर्षीय बच्चे पर श्वानों ने हमला किया तो खून से लथपथ बच्चे को लेकर स्वजन रात 7:30 बजे हमीदिया पहुंचे। बच्चे की गंभीर हालत देख कर भी जिम्मेदारों का कलेजा नहीं पसीजा। उसे एक से दूसरे विभाग में भेजा गया। इसके बाद रात में 12:30 बजे बच्चे को रैबीज का इंजेक्शन लगा और पट्टी की गई।
हमीदिया में नहीं मिली दवा
दरअसल, गौतम नगर निवासी मोहनलाल का 10 वर्षीय बेटा अमन अपनी मां और भाई के साथ पैदल जा रहा था। राजाभोज सेतु के पास आवारा श्वानों ने अमन और उसकी बहन पर हमला किया। इस हमले में अमन के माथे और आंख के ऊपर गंभीर घाव लगे। चमड़ी चार इंच से भी ज्यादा उधड़ गई और मांस भी छितर-बितर हो गया। स्वजन अमन को लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे। यहां पर्चा बनाकर सबसे पहले इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट भेजा गया। यहां से ब्लाक टू और उसके बाद कमला नेहरू स्थित पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग भेजा गया। यहां मौजूद डाक्टर ने रैबीज इंजेक्शन नहीं होने की बात कही और पर्चे पर कुछ दवाएं लिखकर चलता कर दिया। दवा काउंटर पर पहुंचे तो वहां दवाएं भी नहीं।
पांच घंटे के बाद मिला इलाज
इस पर स्वजन बिना इलाज वापस लौट रहे थे। अस्पताल के मुख्य द्वार पर अमन अपनी मां के साथ सड़क किनारे बैठा था। बुखार के कारण कांप रहे अमन की हालत देखकर यहां मौजूद शबूर खान और उसके साथियों ने पूछताछ की तो पूरी बात पता चली। ऐसे में युवकों की यह टीम रात में 9:30 बजे उनको दोबारा हमीदिया अस्पताल लेकर गए। यहां उन्हें फिर से एक से दूसरे विभाग भेज गया। अंत में इमरजेंसी डिपार्टमेंट में मौजूद सीएमओ के पास आए। विवाद होता देख सीएमओ ने पर्चे पर इंजेक्शन लिखा जो अमृत फार्मेसी से खरीदा गया। इसके बाद रात में 12:30 बजे बच्चे को रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया और पट्टी कराई गई। इस संबंध में जब हमीदिया अस्पताल अधीक्षक डा. आशीष गोहिया से बात करनी चाही तो उन्होंने जवाब नहीं दिया।
पुराने शहर से लौट रहा था परिवार
बताया गया है कि पीड़ित अमन और उनका परिवार गौतम नगर में चेतक ब्रिज के पास रहता है। तीनों बच्चे अपनी मां के साथ पुराने शहर गए थे। रात में वहीं से पैदल लौट रहे थे। तभी राजाभोज सेतु के पास सीढ़यों पर सुस्ताने के लिए बैठे तो यहां मौजूद श्वानों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया था।
हम अपने ग्रुप के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करते हैं। अमन का खून बह रहा था, लेकिन हमीदिया अस्पताल से उसे बिना रैबीज इंजेक्शन लगाए और बिना पट्टी किए बाहर कर दिया। हम दोबारा ले गए, इंजेक्शन खरीदकर दिया। रात में 12:30 बजे इंजेक्शन लगा और पट्टी की गई।
- शबूर खान, मददगार