Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बच्चों की कल्पनाशीलता कैसी-कैसी कहानियां गढ़ सकती है, इसका कल्पना भी मुश्किल है। रेलवे चाइल्ड लाइन को शनिवार को मिले एक बच्चे ने काउंसिलिंग के दौरान ऐसी झूठी कहानी सुनाई कि सभी हैरान रह गए। दरअसल, बच्चा सूरत से भागकर ट्रेन से भोपाल पहुंचा था। यहां अकेले उसे घूमते देख रेलवे चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू किया। बच्चे ने शुरुआत में अपने अनाथ होने की कहानी सुनाई, लेकिन बाद में सच बोल ही दिया। बता दें, कि मामले में बच्चे को सीडब्ल्यूसी के आदेश पर उसकी मां को सौंपा दिया गया। काउंसिलिंग में बच्चे ने कहा कि वह अकेला और अनाथ है। उसके माता-पिता इस दुनिया में नहीं है। जब बच्चे से माता-पिता की मौत का कारण पूछा गया तो कुछ देर तो वह खामोश रहा। बहुत समझाने पर उसने कहा कि मेरी मम्मी-पापा बहुत झगड़ा करते थे। आए दिन मारपीट आपस में मारपीट करते थे। कुछ दिन पहले उनका झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक दूसरे को मार डाला। बच्चे की बात सुनकर टीम हैरान हो गई। इसके बावजूद टीम ने बच्चे से कहा कि कोई और रिश्तेदार तो होंगे। तब बमुश्किल बच्चे ने अपने मामा का नंबर टीम को दिया। रेलवे चाइल्ड लाइन ने मामा से संपर्क किया तो बच्ची की झूठी कहानी का सच सामने आया। दरअसल, बच्चे के पिता गुजरात में गार्ड की नौकरी करते हैं, जबकि मां मप्र के रीवा में ही निवासरत है। बच्चा कुछ समय से पिता के साथ गुजरात में था। परिवार ने बताया कि बच्चे के पिता ने उसे गुटखा खाते देखा था। इसी बात से नाराज होकर उसे डांट लगाई थी। बच्चे ने भी काउंसिलिंग में इसे स्वीकारा और कहा कि पापा की डांट से वह नाराज था और उसे मां की याद भी सता रही थी, इसलिए वह रीवा जाने की सोचकर ट्रेन में बैठा था। उसे नहीं पता था कि ट्रेन कहां तक जाती है। वह तो बस मां के पास पहुंचना चाहता था। बच्चे के बारे में जानकारी मिलते ही उसकी मां भोपाल पहुंची, जिनके साथ बच्चे को भेज दिया गया।

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