यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal Railway News: मूसलधार बारिश से क्षतिग्रस्त हुआ ट्रैक, एसएसई व चार गैंगमैन की सतर्कता ने बचाई 1300 जिंदगियां
मूसलधार बारिश में पाडरखेड़ा-मोहना के बीच ट्रैक बहने का मामला। क्षतिग्रस्त ट्रैक पर पहुंचने से पहले लाल झंडी दिखाकर ग्वालियर-रतलाम एक्सप्रेस को रोका।
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Wed, 04 Aug 2021 10:19:06 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Aug 2021 10:19:06 AM (IST)

Bhopal Railway News: हरिचरण यादव, भोपाल। भिरंगी रेल हादसा इटारसी से खंडवा के बीच 4 अगस्त 2015 को हुआ था। वजह थी मूसलधार बारिश का पानी, जिसका तेज बहाव ट्रैक बहाकर ले गया था। यही स्थिति सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात ग्वालियर-गुना रेलमार्ग पर पाडरखेड़ा-मोहना के बीच बन गई थी। वैसा ही घनघोर अंधेरा था, मूसलधार बारिश हो रही थी। एक तरफ पहाड़ की ऊंचाई और दूसरी तरफ ढ़लान थी। जैसे-जैसे बारिश तेज होती गई, पार्वती नदी का प्रवाह बढ़ा और ट्रैक बहाकर ले गया। पटरियां हवा में झूल रही थीं। पाडरखेड़ा-मोहना में वरिष्ठ खंड अभियंता (एसएसई), रेल पथ और चार गैंगमेन ने ग्वालियर-रतलाम स्पेशल एक्सप्रेस को हवा में झूलती पटरी पर प्रवेश करने से रोक लिया और उक्त ट्रेन में सफर करने वाले 1300 यात्रियों को सुरक्षित कर लिया।
गौरतलब है कि ग्वालियर, गुना, शिवपुरी क्षेत्र में सोमवार से हो रही तेज बारिश में रेलवे अलर्ट पर था। मंडल रेल कार्यालय भोपाल से अधिकारियों का दल अपने रेल मंडल में स्थितियों पर नजर रखे हुए थे। मैदानी रेलकर्मियों को हर हाल में डूब प्रभावित ट्रैक वाले हिस्सों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी थी। मोहना रेल पथ एसएसई रमेश बैरवा चार गैंगमैन राजकुमार, मदन, रोहित और बसंत को लेकर पाडरखेड़ा से मोहना के बीच पेट्रोलिंग कर रहे थे। रात के 10.15 बजे थे। देखा कि ट्रैक पर बारिश का पानी आ चुका है। एसएसई खुद लाल झंडी लेकर ट्रैक पर खड़े हो गए। ग्वालियर-रतलाम स्पेशल एक्सप्रेस को रोक दिया गया। जिसके बाद रेलवे ने उक्त रेलमार्ग पर ट्रेनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। एसएसई ने देखा कि ट्रैक पर पानी बढ़ने लगा तो गैंगमैनों की मदद से ट्रेन को पाडरखेड़ा तक वापस ले गए थे। सुबह पाडरखेड़ा से मोहना के बीच निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन को नहीं रोका गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
भिरंगी में हुई थी चूक
पाडरखेड़ा-मोहना के बीच तेज बारिश के दौरान जो स्थिति बनी, वही स्थिति भिरंगी के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश से बन गई थी। ट्रैक बह गया था। यह अंदाजा लगाने व निगरानी करने में उस समय पेट्रोलिंग टीम चूक गई थी, जिसके कारण बड़ा रेल हादसा हो गया था। जनता एक्सप्रेस की बोगियां माचक नदी में बह गई थी और हादसे में दर्जनों यात्रियों की मौत हुई थी।
भारी बारिश हो रही थी, तब भी रेलकर्मी निगरानी कर रहे थे। यही निगरानी काम आई है। एसएसई व चार गैंगमैनों की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया है। ऐसे रेलकर्मियों को सम्मानित करने की अनुशंसा की जाएगी।
- राहुल जयपुरिया, मुख्य प्रवक्ता, पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर जोन