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Tech Revolution in MP: अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटी खोलेंगी कैंपस; भोपाल बनेगा AI-नॉलेज हब, केंद्र से मिलेंगे ₹10,000 करोड़

मध्य प्रदेश को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भोपाल में ईकाई सिटी (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) विकसित की जाएगी...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 09:40:59 AM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 09:43:07 AM (IST)
Tech Revolution in MP: अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटी खोलेंगी कैंपस; भोपाल बनेगा AI-नॉलेज हब, केंद्र से मिलेंगे ₹10,000 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक की।सौ- जनसंपर्क विभाग, मप्र।

HighLights

  1. भोपाल में 10 हजार करोड़ रुपये की ईकाई सिटी (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) विकसित होगी
  2. उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीपटेक रिसर्च पार्क स्थापित करने की तैयारी
  3. टेक सेक्टर में 12,500 करोड़ रुपये निवेश से 50 हजार रोजगार, 5,892 करोड़ की नई परियोजनाएं प्रस्तावित

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भोपाल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ईकाई सिटी (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।

डीपटेक रिसर्च पार्क भी इसका हिस्सा होगा। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई।

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि अमेरिका की चार यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश में अपना अध्ययन परिसर खोलना चाहती हैं। उनसे भी समन्वय जारी है।

तकनीकी आत्मनिर्भरता होगी मजबूत

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भविष्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। प्रदेश में इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में होने वाला निवेश न केवल औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करेगा।


उन्होंने विभागीय अधिकारियों से नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और निवेशकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि हमें प्रदेश को ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का सशक्त केंद्र बनाना होगा। निवेश परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए।

उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना

उज्जैन में मेडि सिटी, साइंस सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज भी तैयार किया जा रहा है, इसीलिए यहां पर मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन के एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से समन्वय किया जाए। बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को और भी सुदृढ़ बनाने पर काम हो।

यह भी पढ़ें- AI की दुनिया में बड़ा झटका, सबसे ताकतवर एआई मॉडल रातों-रात गैर अमेरिकियों के लिए बैन; भारत के लिए बड़ी चेतावनी

अमेरिका की चार यूनिवर्सिटी मप्र में खोलना चाहती हैं अध्ययन परिसर

विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने प्रस्तुतीकरण देकर बताया कि उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब इसी प्रस्ताव के तहत उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए नई कार्ययोजना तैयार कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भोपाल में गिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी है। इसे ईकाई सिटी (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। अमेरिका की चार यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश में अपना अध्ययन परिसर खोलना चाहती हैं। उनसे भी समन्वय किया जा रहा है।

वहीं, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एम सेलवेंद्रम ने बताया कि प्रदेश में टेक सेक्टर में लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपये का निवेश आया है। इससे करीब 50 हजार नए रोजगार का सृजन हुआ है। प्रदेश में इस क्षेत्र में 5,892 करोड़ रुपये की मेगा परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रचलन में हैं।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि उद्योग विभाग के पास 10 लाख वर्गफिट जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को कम से कम समय में भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।