
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। आयुक्त दिव्यांगजन डा अजय खेमरिया ने वल्लभ भवन मंत्रालय में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से भेंट करके उनके समक्ष दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़े विविध प्रस्ताव रखें। उन्होंने दिव्यांगजन विशेष भर्ती अभियान पर लगी रोक को हटाने के आग्रह किया, साथ ही वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से जिन दिव्यांग आवेदकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूर्ण कर ली गई थी, उस पर जीएडी द्वारा लगाई गई रोक पर विचार करने का आश्वासन मुख्य सचिव ने दिया है।
डा. खेमरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता एवं सहायक भर्ती में दिव्यांग महिलाओं को अधिभार देने के प्रस्ताव पर भी मुख्य सचिव ने सहमति प्रदान की। संभागीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों पर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं ओबीसी विद्यार्थियों के साथ दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर भी मुख्य सचिव ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने का भरोसा दिया है।
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित 66 सीडब्ल्यूएसएन छात्रावासों के परिचालन की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने के प्रस्ताव का परीक्षण कराने का भरोसा मुख्य सचिव ने दिया। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि ये हॉस्टल साल भर चलना चाहिए और हर साल इनके लिए संस्थाओं का चयन नहीं होना चाहिए।
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छात्रावासों के मौजूदा वित्तीय प्रविधान पर पुनर्विचार के आग्रह पर भी परीक्षण का आश्वासन दिया। प्रदेश में बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए शासकीय आश्रय गृह खोलने के प्रस्ताव को भी मुख्य सचिव ने परीक्षण कर निर्णय लेने का भरोसा दिया। प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव ने उपयोगी निर्देश और सुझाव भी इस मुलाकात में दिए।