
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भाजपा ने राजनीतिक नियुक्तियों की अपनी रणनीति में बदलाव कर दिया है। पार्टी पहले कई किस्तों में राजनीतिक नियुक्तियां करना चाहती थी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद सभी दर्जा प्राप्त मंत्रियों की सूची एक साथ निकाली जाएगी।
इससे पहले पार्टी की तैयारी थी कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण और क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण जैसे विंध्य, बुंदेलखंड, महाकोशल विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की नियुक्ति पहली किस्त में करने की तैयारी थी। सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका था। इस बीच मुंबई और महाराष्ट्र की नगर सरकारों के चुनाव आ जाने के कारण केंद्रीय नेतृत्व से समय नहीं मिल पाया था। अब संभावना है कि अगले सप्ताह बड़े नेताओं की बैठक में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
दरअसल, विधानसभा चुनाव-2023 के बाद से ही निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर संगठन पर दबाव है। पहले तो लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक नियुक्तियां करने की योजना थी, लेकिन पहले भाजपा के संगठन चुनाव फिर प्रदेश, अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में विलंब के कारण मामला टलता रहा। बिहार चुनाव के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का मामला आगे बढ़ा, लेकिन फिर भी कोई निर्णय नहीं हो पाया।
सूत्रों के अनुसार दावोस से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के लौटने के बाद अगले सप्ताह राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के साथ प्रदेश नेतृत्व की बैठक होनी है। इसके बाद राजनीतिक नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि लगभग 35 नेताओं को इस सूची में स्थान मिल सकता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले इनकी घोषणा हो सकती है। इसमें कुछ पूर्व विधायकों को समायोजित भी किया जाएगा। अभी इनके पास कोई काम नहीं है।