
MP Lok Sabha Election Phase 3: राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में दो चरण का मतदान हो चुका है और तीसरे चरण की नौ लोकसभा सीटों के लिए सात मई (मंगलवार) को मतदान होगा। इसमें सबसे बड़ी चुनौती मतदान को बढ़ाने की है। पहले दो चरणों में औसत मतदान 2019 के चुनाव की तुलना में कम रहा था।
इससे चिंतित चुनाव आयोग के साथ भाजपा और कांग्रेस ने भी मतदाताओं से घर-घर संपर्क कर उन्हें मतदान करने के लिए प्रेरित किया। इन नौ सीटों पर औसत मतदान 66.63 प्रतिशत रहा था। इसमें सबसे कम भिंड में 54.42 प्रतिशत रहा जो मप्र में सबसे कम था।
ग्वालियर में 59.78 था दूसरे सबसे कम मतदान प्रतिशत था। राजगढ़ में 79.46 प्रतिशत मतदान हुआ था जो प्रदेश में छिंदवाड़ा के बाद सर्वाधिक था, जबकि भोपाल में 74.39 प्रतिशत मतदान हुआ था।
पहले दो चरण में 12 सीटों के लिए मतदान हो चुका है। पांच माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की थी। इससे सबको आशा थी कि 2019 के 71.16 प्रतिशत से मतदान भले ही अधिक न हो पर इससे कम नहीं रहेगा पर ऐसा नहीं हुआ।
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पहले चरण की छह सीटों पर 67.75 प्रतिशत मतदान रहा। इसमें छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट ऐसी सीटें रहीं, जहां मतदान 70 प्रतिशत से अधिक रहा। बालाघाट लोकसभा क्षेत्र तो ऐसा था जहां पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं ने अधिक मतदान किया। कम मतदान को देखते हुए चुनाव आयोग और राजनीतिक दल सक्रिय हुए। दरअसल, कम मतदान से आयोग के मतदाता जागरुकता अभियान पर प्रश्न उठे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने समीक्षा की तो जिला निर्वाचन अधिकारियों ने यह बताया कि विवाह और गर्मी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। भाजपा ने दावा किया कि कांग्रेस का मतदाता अपने नेतृत्व को लेकर उदासीन हो गया, इसलिए मतदान के लिए नहीं निकला।
दूसरे चरण के लिए जमकर तैयारियां की गईं पर इसमें मतदान प्रतिशत और घट गया, जिसने सबको सोचने पर विवश कर दिया। तीसरे चरण में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नौ सीटों के सभी 20 हजार 456 मतदान केंद्र पर एक मई को 'चलें बूथ की ओर ' अभियान चलाया तो भाजपा ने पन्ना और अर्द्ध पन्ना प्रभारियों को मतदाताओं से संपर्क करने के लिए मैदान में उतार दिया। इस चरण में भिंड, ग्वालियर और मुरैना सीट ऐसी हैं, जहां तुलनात्मक रूप से कम रहता है।
भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने गर्मी को देखते हुए सुबह 11 बजे तक अधिक से अधिक मतदान कराने की तैयारी की है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे सुबह से ही सक्रिय हो जाएं और शुरुआती दौर में ही अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि मतदान में अधिक समय न लगे। वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी करें और जहां भी लाइन लगी देखे वहां चर्चा कर तेजी से मतदान प्रक्रिया पूरी कराएं।
तीसरे चरण की नौ सीटों में से राजगढ़, गुना और विदिशा सीट पर सबकी नजर है। राजगढ़ से दिग्विजय सिंह, विदिशा से शिवराज सिंह चौहान और गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लड़ रहे हैं। तीनों नेताओं ने मतदाताओं को घर से निकालने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है। इन तीनों सीटों पर होने वाले मतदान से इस चरण के औसत मतदान का निर्धारण होगा।