
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातियों का आंतरिक सर्वे कराएगी। इसमें ओबीसी में आने वाली जातियों और उनमें सम्मिलित उपजातियों के लोगों को सूचीबद्ध किया जाएगा। समग्र डेटा तैयार करके प्रदेश और केंद्रीय संगठन को भेजा जाएगा। इसके पीछे पार्टी की मंशा ओबीसी वर्ग की उन जातियों को चिह्नित करने की है, जिनका सत्ता और संगठन में प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है।
राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अनुसार प्रदेश में 56 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से आती है। इसमें 92 जातियां और उनकी उपजातियां है। इनकी मांग रहती है कि संख्या के अनुरूप आरक्षण दिया जाए।
आने वाले समय में पंचायत, नगरीय निकाय, विधानसभा और फिर लोकसभा के चुनाव होने हैं। ओबीसी प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहते हैं। इन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला हाई कोर्ट में निर्णायक स्थिति में पहुंच गया है। ऐसे में सत्ता और संगठन ओबीसी वर्ग को साधने में जुट गए हैं।
भाजपा ने ओबीसी मोर्चा को आंतरिक सर्वे का जिम्मा सौंपा है। मोर्चा अध्यक्ष पवन पाटीदार ने जिला प्रभारी नियुक्ति कर दिए हैं और उन्हें नौ बिंदुओं को प्रपत्र भी दिया है, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी।
प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की आधिकारिक ओबीसी सूची को आधार बनाकर सभी जाति, उपजाति, समूहों की सूची बनाई जाएगी। एक तय फार्मेंट में जाति का प्रचलित नाम, उपजाति, पर्यायवाची नाम और संबंधित सामाजिक समूह दर्ज किया जाएगा।
इसमें वास्तविक सामाजिक समूहों की संख्या और सरकारी सूची की प्रविष्टियों के बीच अंतर स्पष्ट भी स्पष्ट किया जाएगा। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कौन-सी जातियां राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं और कौन-सी जातियां संख्या या क्षेत्रीय प्रभाव के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पीछे हैं।
भाजपा संगठन प्रत्येक ओबीसी जाति के सामने उसके प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सूची तैयार कराएगा। इसमें पंचायत से लेकर संसद तक ओबीसी वर्ग का कितना प्रतिनिधित्व है़ इसका डेटा तैयार होगा।
इसमें ओबीसी नेताओं का पद, क्षेत्र, विधानसभा, लोकसभा, विभाग और संगठनात्मक जिम्मेदारी दर्ज की जाएगी। इससे भाजपा को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-सी जातियां पार्टी से राजनीतिक रूप से जुड़ी हैं और कौन-सी जातियों को कहां कितना प्रतिनिधित्व मिल पाया है।
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ओबीसी वर्ग की जातियों का डेटा तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष पवन पाटीदार ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति कर उन्हें नौ बिंदुओं का प्रपत्र दिया है, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके पीछे पार्टी संगठन की मंशा है कि सत्ता और संगठन में ओबीसी वर्ग की उन जातियों के लोगों को प्रतिनिधित्व मिले, जिन्हें अपेक्षाकृत अब तक प्रतिनिधित्व कम या नहीं मिला है।- रामबाबू यादव, प्रदेश कार्यालय मंत्री, भाजपा ओबीसी मोर्चा मप्र ।