राहुल गांधी के हर प्रमोशन के साथ घटते गए कांग्रेस के विधायक: BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला का तंज
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने दावा किया कि 2008 में राहुल गांधी के महासचिव बनने के समय कांग्रेस के 1182 विधायक थे, जो 2024 में नेता प्रतिपक्ष बनने तक घटकर 654 रह गए।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 11:46:07 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 11:46:07 AM (IST)
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है।सौ- भाजपाHighLights
- राहुल गांधी के प्रमोशन के साथ घटे कांग्रेस विधायक
- कांग्रेस की नाकामी का ठीकरा एसआईआर पर फोड़ने का आरोप
- कांग्रेस शासनकाल में 10 बार हुई एसआईआर
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का जैसे-जैसे राजनीतिक प्रमोशन होता गया, कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटती गई। अब अपनी नाकामी का ठीकरा राहुल गांधी मतदाता सूची और एसआईआर पर फोड़ रहे हैं।
प्रेम शुक्ला ने गिनाए आंकड़े
शुक्ला ने आंकड़े बताए कि वर्ष 2008 में जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने, तब पार्टी के 1182 विधायक थे। वर्ष 2014 में उपाध्यक्ष बने तब यह संख्या घटकर 883 हो गई थी। 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो 807 विधायक रह गए और वर्ष 2024 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के समय 654 विधायक ही कांग्रेस के थे। आज भाजपा के पास कांग्रेस से लगभग तीन गुना 1819 विधायक हैं।
उन्होंने कहा, 1967 से तमिलनाडु, 1977 से बंगाल, 1989 से उत्तर प्रदेश, 1990 से बिहार और गुजरात में 1995 से कांग्रेस सत्ता में नहीं है, तब कौन सा एसआईआर हुआ था। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को चुनौती देने और लगातार नकारात्मक राजनीति करने के कारण कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ है।
कांग्रेस ने 10 बार अपने शासन काल कराई एसआईआर तो अब आपत्ति क्यों
हेमंत खंडलेवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है। इनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में कराई गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि एसआईआर संवैधानिक प्रक्रिया है और निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। यदि असंवैधानिक है तो कांग्रेस अपने शासनकाल में 10 बार इसे क्यों कराती रही?
उन्होंने कहा कि नेहरू, इंदिरा, राजीव और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में एसआईआर संवैधानिक था, लेकिन अब जब वोटर लिस्ट से फर्जी, मृत और दोहराव वाले मतदाताओं के नाम हटाकर शुद्धीकरण को कांग्रेस असंवैधानिक बता रही है।
राहुल गांधी 13 करोड़ लोगों के नाम काटने का झूठा आंकड़ा बताकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चलाकर भाजपा जनता को सच्चाई बता रही है।