भोपाल में 5 मौतों का मामला: ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी का एंगल, दो थानों की पुलिस करेगी पड़ताल
मालीखेड़ी में पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस आर्थिक तंगी, कारोबार में घाटे, ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 08:26:25 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 08:27:14 AM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- मालीखेड़ी में पांच लोगों की मौत का मामला
- ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के एंगल से जांच
- छोला और सूखीसेवनिया अलग-अलग करेगी जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। छोला मंदिर इलाके के मालीखेड़ी में पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस आर्थिक तंगी के साथ ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के एंगल से जांच कर रही है। मां, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या के मामले में मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। शाम को पांचों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ।
मृतक नरेंद्र साहू के स्वजनों का आरोप है कि वह कर्ज, कारोबार में घाटे और दो महिलाओं की वजह से परेशान था। जीजा दीपक ने बताया कि एक महिला सीहोर की रहने वाली है और दूसरी से नरेंद्र की पहचान थी। उनके मुताबिक, नरेंद्र करीब एक साल से मानसिक तनाव में था। पैसों की तंगी और परेशानियों के चलते उसने यह कदम उठाया।
कॉल डिटेल खंगालेगी पुलिस
जोन-4 के एसीपी शशांक जैन ने बताया कि स्वजनों के विस्तृत बयान के बाद उनके आरोपों समेत सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी। सूखी सेवनिया में जब्त नरेंद्र का मोबाइल पुलिस को अभी नहीं मिला है। मोबाइल मिलने पर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। कॉल डिटेल और उसमें मौजूद जानकारी के आधार पर भी पड़ताल होगी।
छोला मंदिर पुलिस ने मर्ग कायम किया है। मां, पत्नी और दोनों बच्चों की मौत के मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाएगा। सूखी सेवनिया पुलिस मर्ग जांच कर परेशान करने वालों से पूछताछ करेगी।
कर्ज का दबाव और ब्लैकमेलिंग
पुलिस के मुताबिक, सालभर पहले नरेंद्र की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। वह दो साल पहले आईएसबीटी के एक होटल में 10 लाख रुपये के पैकेज पर हेड शेफ था। जीजा दीपक के अनुसार, होटल संचालक चिंटू ने शुरुआत में नियमित वेतन दिया, लेकिन एक साल बाद भुगतान में देरी होने लगी।
नौकरी छोड़ते समय पांच महीने का करीब 5 लाख रुपये वेतन बकाया था। नरेंद्र ने होटल कारोबार शुरू किया, जिसमें घाटा होने पर उसे बंद करना पड़ा। बाद में उसने सेकंड हैंड कार का काम शुरू किया। एक्सिस बैंक से लोन लेने के बावजूद मकान बेचने के बाद भी उस पर 25 लाख रुपये का कर्ज बचा था।
पुलिस नेहा और सिमर नाम की महिलाओं तथा नरेंद्र से उनके संबंधों की जानकारी जुटा रही है। स्वजनों का आरोप है कि नेहा उसे ब्लैकमेल कर रही थी। दोस्त देवा से सूद पर रुपये लेने और सिमर से उधार न देने पर परेशान किए जाने की बात भी सामने आई है।