
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) अस्पताल के सर्जिकल आन्कोलॉजी विभाग में अंडाशय के कैंसर (ओवरी कैंसर) से पीड़ित एक 60 वर्षीय गैस पीड़ित महिला की अत्यंत जटिल सर्जरी की गई। महिला के पेट से डॉक्टरों ने लगभग 12 किलो वजनी ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की है।
यह ट्यूमर ओवरी से फैलकर पेट के अन्य संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच चुका था, जिससे यह ऑपरेशन अत्यंत उच्च जोखिम वाला और चुनौतीपूर्ण हो गया था। सफल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
सर्जिकल आन्कोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम ने बताया कि मरीज पिछले तीन वर्षों से इस गंभीर समस्या से जूझ रही थी। शुरुआती दो सालों तक बीमारी का सही पता नहीं चल सका, लेकिन जब पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ने लगा और भारीपन व तकलीफ बढ़ी, तब जांच कराई गई।
जांच में पता चला कि पेट में 12 किलो की अत्यंत विशाल गांठ मौजूद है, जो बड़ी आंत, पेशाब की नली तथा पेट की प्रमुख रक्त वाहिकाओं के बिल्कुल पास थी और उनसे बुरी तरह चिपकी हुई थी। ट्यूमर के कारण महिला को हर्निया की शिकायत भी हो गई थी। इसके अलावा मरीज को मधुमेह (डायबिटीज) होने से ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग और इन्फेक्शन का खतरा था।
ट्यूमर के कुछ हिस्सों में पस (मवाद) बनने लगी थी, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती थी। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए डॉक्टरों की टीम ने करीब पांच घंटे तक सावधानीपूर्वक सर्जरी की।
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ओवरी ट्यूमर के साथ ही बीएमएचआरसी के डॉक्टरों ने पैंक्रियाज (अग्न्याशय) कैंसर से पीड़ित एक 60 वर्षीय पुरुष मरीज की भी बेहद जटिल सर्जरी की।