भोपाल में महिला के गर्भाशय से निकाला 15cm का ट्यूमर, पेशाब की नली और आंतों को जकड़ चुका था कैंसर, BMHRC ने दी नई जिंदगी
भोपाल में BMHRC ने एक मरीज के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाई। 54 वर्षीय महिला के गर्भाशय में 15 सेंटीमीटर का ट्यूमर था, जो आसपास के अंगों को दबा रहा था औ ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 01:56:33 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 01:56:33 AM (IST)
भोपाल BMHRC ने महिला के गर्भाशय में 15 सेंटीमीटर ट्यूमर की जटिल सर्जरी सफलता पूर्वक की।HighLights
- पेशाब, छोटी आंत और रेक्टम सुरक्षित बच गए
- सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क हुई
- अन्य अस्पतालों ने उच्च जोखिम बताकर ऑपरेशन से इनकार किया
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) ने एक 54 वर्षीय महिला के लिए जीवनदाता की भूमिका निभाई, जब अन्य अस्पतालों ने उच्च जोखिम के कारण सर्जरी से इनकार कर दिया था। महिला के गर्भाशय में लगभग 15 सेंटीमीटर का ट्यूमर था, जो आसपास के अंगों को जकड़ चुका था और पेशाब व शौच में गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रहा था।
BMHRC के कैंसर सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम और एनेस्थीशियोलॉजी विभाग की डॉ. संध्या इवने ने चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। सर्जरी में पेशाब की नली, छोटी आंत और रेक्टम को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को निकालने में सफलता मिली। इस जटिल सर्जरी को आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया, जो निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होती।
यह सर्जरी तकनीकी रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि जरा सी चूक मरीज की जान ले सकती थी। हमें खुशी है कि बीएमएचआरसी ऐसे मरीजों के लिए उम्मीद का केंद्र बन रहा है, जिन्हें अन्य जगहों पर इलाज नहीं मिल पाता।
- डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक, BMHRC