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भोपाल में अटका मेट्रो का काम... मुआवजा मिलने के बाद भी खाली नहीं हो रहे मकान, जानें कारण

बोगदा पुल से करोंद तक मेट्रो का रास्ता जमीन खाली नहीं होने से बार-बार अटक रहा है। पातरा पुल से बरखेड़ी तक मेट्रो और सड़क चौड़ीकरण की जद में आए दो दर्ज...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 05:13:37 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 05:13:37 PM (IST)
भोपाल में अटका मेट्रो का काम... मुआवजा मिलने के बाद भी खाली नहीं हो रहे मकान, जानें कारण
भोपाल में अटका मेट्रो का काम (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुआवजा मिलने के बाद भी खाली नहीं हो रहे प्रभावित मकान
  2. बैरिकेडिंग और संकरी सड़क के कारण काजीकैंप में रोजाना जाम
  3. एसडीएम का दावा: 15 दिनों में जमीन खाली कराने का प्रयास जारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बोगदा पुल से करोंद तक मेट्रो का रास्ता जमीन खाली नहीं होने से बार-बार अटक रहा है। पातरा पुल से बरखेड़ी तक मेट्रो और सड़क चौड़ीकरण की जद में आए दो दर्जन से अधिक मकान मालिकों को मुआवजा बांटा जा चुका है, लेकिन 12 से ज्यादा मकान अब भी खाली नहीं हुए हैं।

मुआवजे की राशि खातों में पहुंचने के बावजूद मकान खाली नहीं होने से इन्हें तोड़कर जमीन मेट्रो रेल कारपोरेशन को सौंपने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसका असर सिर्फ मेट्रो निर्माण पर ही नहीं, बल्कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार पातरा पुल क्षेत्र में प्रभावित मकान मालिकों के बैंक खातों में मेट्रो रेल कारपोरेशन की ओर से मुआवजे की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इसके बावजूद कई परिवारों ने अब तक मकान खाली नहीं किए हैं।


प्रशासन के सामने अब इन भवनों को खाली कराकर जमीन मेट्रो रेल कारपोरेशन को सौंपने की चुनौती है। काजीकैंप में मेट्रो रूट और सड़क चौड़ीकरण की जद में करीब 300 मकानों के कुछ हिस्से आ रहे हैं। प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। कुछ रहवासियों ने अपने स्तर पर प्रभावित हिस्से हटाने की सहमति भी दी है, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी बनी हुई है। जब तक ये हिस्से हटेंगे नहीं, तब तक सड़क को पूरी चौड़ाई में विकसित करना मुश्किल है।

बैरिकेडिंग ने घटाई सड़क की चौड़ाई, लग रहा रोज जाम

मेट्रो निर्माण के लिए की गई बैरिकेडिंग और प्रभावित हिस्सों के नहीं हटने से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो गई है। नतीजा यह है कि काजीकैंप सहित आसपास के हिस्सों में वाहनों का दबाव बढ़ रहा है और रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। रहवासियों का कहना है कि बैरिकेडिंग से पहले प्रभावित निर्माण हटाकर अस्थायी सड़क तैयार की जानी चाहिए थी, जिससे निर्माण के साथ यातायात भी चलता रहता।

बड़ा बाग कब्रिस्तान क्षेत्र भी बना चुनौती

बोगदा पुल-करोंद मेट्रो रूट में पातरा पुल, काजीकैंप और बड़ा बाग कब्रिस्तान क्षेत्र जमीन खाली कराने के लिहाज से सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण हटने के बाद ही मेट्रो और सड़क चौड़ीकरण का काम रफ्तार पकड़ सकेगा।

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पातरा पुल क्षेत्र में अगले 15 दिनों में जमीन खाली कराकर मेट्रो रेल कारपोरेशन को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मुआवजा मिलने के बाद मकानों को खाली करवाने की कार्रवाई जारी है, जल्द ही मेट्रो निर्माण और सड़क चौड़ीकरण दोनों काम आगे बढ़ेगा। - दीपक पांडे, एसडीएम शहर