नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) ने आगामी सत्र 2026-27 के लिए 37 नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता की निरंतरता फिलहाल रोक रखी है। इन कॉलेजों में संबद्धता के निर्धारित मापदंडों की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने करीब 50 प्रोफेसरों की एक दर्जन से अधिक टीमें गठित की हैं।
प्रत्येक टीम में चार प्रोफेसरों को शामिल किया गया है और उन्हें तीन-तीन कॉलेजों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कॉलेजों का निरीक्षण अगले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।
जांचे जाएंगे सभी मापदंड
निरीक्षण के दौरान कालेजों में निर्धारित शैक्षणिक, भौतिक और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समेत संबद्धता से जुड़े मापदंडों की जांच की जाएगी।
निरीक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में निर्धारित मापदंडों पर खरे उतरने वाले कॉलेजों की संबद्धता की निरंतरता जारी की जाएगी।
विश्वविद्यालय स्तर पर रिपोर्ट मिलने के बाद करीब एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। वहीं निरीक्षण के दौरान अनियमितता या गड़बड़ी मिलने वाले कॉलेजों के लिए संबद्धता हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
बता दें कि मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर से मुक्त होने के बाद ये 37 नर्सिंग कॉलेज पहली बार बीयू से संबद्धता की निरंतरता ले रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं अनियमितताएं
इस वर्ष बीयू से संबद्ध बीएड के 36 से अधिक और एमबीए के 72 से ज्यादा कॉलेजों की संबद्धता को लेकर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में कुछ कॉलेज वर्षों से केवल कागजों पर संचालित होते पाए गए थे।
इसके बाद ऐसे कॉलेजों की संबद्धता निरस्त की गई थी। इसी वजह से नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता को लेकर विश्वविद्यालय इस बार निरीक्षण प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरत रहा है।
50 फीसद शुल्क की कटौती
बीयू को इन 37 नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता की जिम्मेदारी मिली है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से लिए जाने वाले संबद्धता शुल्क में 50 फीसद कटौती की है। इस मामले में प्रकरण अभी हाईकोर्ट में लंबित है।
यदि फैसला बीयू के पक्ष में आता है तो कॉलेजों को शेष शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं आदेश कॉलेजों के पक्ष में होने पर आधी फीस में ही संबद्धता की निरंतरता जारी करनी होगी।
प्रदेश के 37 नर्सिंग कॉलेजों को निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद संबद्धता जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा। - समर बहादुर सिंह, कुलसचिव, बीयू