नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में कलियासोत नदी के किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा कर संचालित की जा रही डेयरी में गोकशी की सूचना पर शुक्रवार तड़के पुलिस ने दबिश दी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही कुछ आरोपित गौमांस लेकर चार पहिया वाहन से भाग निकले। मौके से गोवंश के कटे अवशेष मिले, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
मामले में डेयरी संचालक गब्बर यादव, उसके भाई मुन्ना यादव और आसिफ खान को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में डेयरी के अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मौके पर मिले गौवंश के अवशेष
पुलिस के अनुसार, छोला निवासी बजरंग दल कार्यकर्ता रामजी पाठक ने शुक्रवार तड़के शिकायत की थी। उन्हें सूचना मिली थी कि कोलार के दामखेड़ा में अमरनाथ कॉलोनी के आगे कलियासोत नदी किनारे स्थित गब्बर डेयरी में गोवंश का वध किया जा रहा है।
वह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोग भागने लगे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने डेयरी परिसर की तलाशी ली, जहां गोवंश के कटे अवशेष मिले। पुलिस अब मौके से फरार हुए संदिग्धों की तलाश कर रही है।
कब्जा कर बनाई झुग्गियां, शुरू की डेयरी
पुलिस के अनुसार गब्बर यादव और उसका भाई मुन्ना यादव रोशनपुरा के ग्वाल मोहल्ला में रहते हैं, जबकि आसिफ खान शाहजहांनाबाद की पायगा कॉलोनी का निवासी है। आरोप है कि तीनों ने अपने परिवारों के साथ नदी किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था।
यहां झुग्गियां बनाने के साथ डेयरी भी संचालित की जा रही थी। डेयरी में 90 से 100 से अधिक गोवंश रखे जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपितों के खिलाफ गोकशी के पुराने अपराध भी दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड और मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
थाने का घेराव, रासुका लगाने की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कोलार थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने डेयरी हटाने और क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन भी सौंपा। इसके बाद नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
जांच के लिए भेजे अवशेष
पुलिस ने मौके से जब्त पशु अवशेष जांच के लिए जहांगीराबाद स्थित पशु चिकित्सालय भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अवशेष किस पशु के हैं।
कांग्रेस ने कार्रवाई मांग की
कोलार तहसीलदार यशवर्धन सिंह ने बताया कि जिस डेयरी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी, उसे नगर निगम अमले के सहयोग से ध्वस्त करा दिया गया है। उधर, कांग्रेस ने मामले में कार्रवाई के साथ उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, जिनकी निगरानी में वर्षों से अवैध डेरी संचालित हो रही थी।
कोलार ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एसीपी चूनाभट्टी आलोक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। इसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जोन-18 के एएचओ सहित जिम्मेदार नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस फरार संदिग्धों और ले जाए गए गौमांस और इस गतिविधि में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी पड़ताल कर रही है।- संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार