परीक्षा सिर पर, अब आया सिलेबस: बीयू की लापरवाही, मप्र के 35 हजार छात्रों की बढ़ी मुश्किलें
एमए, एमएससी, एमकॉम और होम साइंस के विद्यार्थियों को पहली बार दो क्रेडिट का वैल्यू एडेड कोर्स देना होगा। विश्वविद्यालय ने इसका पाठ्यक्रम परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी किया है।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 11:35:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 11:35:34 AM (IST)
HighLights
- चार नवंबर से शुरू होंगी पीजी की परीक्षाएं
- परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी हुआ सिलेबस
- न पढ़ाई हुई, न मिली अध्ययन सामग्री
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं चार नवंबर से शुरू होने जा रही हैं। ये परीक्षाएं 19 नवंबर तक चलेंगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने सात जिलों में 50 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
करीब 250 कॉलेजों के 35 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इस बार पहली बार विद्यार्थियों को वैल्यू एडेड कोर्स (मूल्य संवर्धित पाठ्यक्रम) की परीक्षा भी देनी होगी।
बीयू की लापरवाही, छात्रों की मुसीबत
हैरानी की बात यह है कि विश्वविद्यालय ने एमए, एमएससी, एमकॉम और होम साइंस के इस नए पाठ्यक्रम का सिलेबस परीक्षा से कुछ दिन पहले ही जारी किया है।ऐसे में विद्यार्थियों को इसकी तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका है।
शिक्षकों को भी पाठ्यक्रम पढ़ाने के संबंध में पर्याप्त दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने कम समय में नए विषय की तैयारी करना मुश्किल होगा।
न पढ़ाई हुई, न अध्ययन सामग्री उपलब्ध
पीजी के नए अध्यादेश के तहत द्वितीय सेमेस्टर के प्रत्येक विद्यार्थी को दो क्रेडिट का एक वैल्यू एडेड कोर्स लेना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने अलग-अलग विषय समूहों में पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए हैं।इनमें रोजगार एवं उद्यमिता कौशल, योग एवं ध्यान से तनाव प्रबंधन, बिजनेस एनॉलिटिक्स और नवाचार एवं उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने इन विषयों का सिलेबस कुछ दिन पहले ही वेबसाइट पर अपलोड किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि अब तक न तो नियमित कक्षाओं में इनकी पढ़ाई कराई गई और न ही बाजार में अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो पाई है।
परीक्षा शुरु होने के पहले वैल्यू एडेड कोर्स का सिलेबस जारी कर दिया है। परीक्षा को सुरक्षित कराने के लिए इंतजाम किए गए हैं।- प्रो समर सिंह, कुलसचिव, बीयू