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भोपाल में एडवोकेट की मौत का मामला: सीएम के एक्शन के बाद FIR दर्ज, जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति बनी

एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने बीते रविवार की शाम लापरवाही के चलते एक हादसा हुआ। सड़क पार करते समय बिजली के खंभे से करंट लगने से 30 वर्षीय दिव्यऋषि ...और पढ़ें

By Brijendra RishishwarEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 08:20:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 08:20:10 PM (IST)
भोपाल में एडवोकेट की मौत का मामला: सीएम के एक्शन के बाद FIR दर्ज, जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति बनी
डीबी माल के सामने करंट लगने से एडवोकेट की मौत का मामला।

HighLights

  1. डीबी माल के सामने करंट लगने से एडवोकेट की मौत का मामला
  2. एफआइआर में लापरवाही का जिक्र, लेकिन एजेंसी का नाम नहीं
  3. लापरवाह एजेंसी पर बीएनएस धारा 106(1) के तहत केस दर्ज

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने बीते रविवार की शाम लापरवाही के चलते एक हादसा हुआ। सड़क पार करते समय बिजली के खंभे से करंट लगने से 30 वर्षीय दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई।

इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री के एक्शन के बाद एमपी नगर पुलिस ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस (उपेक्षापूर्ण कार्य से मृत्यु कारित करना) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। साथ ही, कलेक्टर के निर्देश पर चार सदस्यीय समिति इस पूरी घटना की जांच कर रही है।

सड़क पार करते समय लोहे की रॉड में उतरा करंट

एमपी नगर टीआई जयहिंद शर्मा ने बताया कि पत्रकार कॉलोनी (लिंक रोड नंबर 3) निवासी दिव्यऋषि तिवारी शाम करीब 7:30 बजे डीबी मॉल के सामने कट प्वाइंट से सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ वहां लगे बिजली के खंभे और लोहे की राड से छू गया, जिसमें भारी करंट दौड़ रहा था।


हादसे के बाद चित्रांशु चतुर्वेदी उन्हें तत्काल नर्मदा अस्पताल और फिर एम्स लेकर गए, जहां एम्स के डॉ. राहुल कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुरक्षा ऑडिट न होने से हुआ हादसा

एमपी नगर थाने की प्रारंभिक जांच और प्रधान आरक्षक सिंकू सिंह द्वारा की गई पंचनामा कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित एजेंसी ने घोर लापरवाही बरतते हुए खंभे और राड को खुला छोड़ दिया था।

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शहर के सबसे व्यस्त और आमजन की आवाजाही वाले इस क्षेत्र में करंट लीकेज का कोई सुरक्षा ऑडिट नहीं किया गया। पुलिस अब जिम्मेदार एजेंसी की जानकारी जुटा रही है, ताकि जवाबदेही तय कर आगे की कार्रवाई की जा सके। पुलिस की एफआईआर में किसी का नाम नहीं है।

सीएम के निर्देश पर बनी 4 सदस्यीय जांच समिति

बता दें कि इस पूरे हादसे को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद कलेक्टर के निर्देश पर 4 सदस्यीय समिति पूरे मामले की जांच कर रही है, उसके आधार पर आगे धाराएं बढ़ाई जाएंगी।