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BCLL EV Charging Station: भोपाल में 31 की जगह सिर्फ 22 स्थानों पर सिमटा काम, 10 स्टेशनों से चार्जिंग गन भी चोरी

चार्जिंग स्टेशन चालू नहीं होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा मिलने में देरी हो रही है। केंद्र सरकार ने देशभर में चार्जिंग ढां...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 12:09:10 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 12:09:10 PM (IST)
BCLL EV Charging Station: भोपाल में 31 की जगह सिर्फ 22 स्थानों पर सिमटा काम, 10 स्टेशनों से चार्जिंग गन भी चोरी
शहर में 10 चार्जिंग स्टेशनों पर लगी चार्जिंग गन चोरी होने की जानकारी सामने आई है। नईदुनिया।

HighLights

  1. 31 स्थानों पर 148 मशीनें लगाने का लक्ष्य, काम 23 स्थानों तक सीमित
  2. भोपाल में 10 ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर लगी चार्जिंग गन चोरी
  3. इलेक्ट्रिक वाहन वालों को नहीं मिल पा रही सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा

नईदुनिया, प्रतिनिधि , भोपाल। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ईवी चार्जिंग स्टेशन परियोजना लक्ष्य से पीछे चल रही है। एफएएमई-2 योजना के तहत भोपाल में 31 स्थानों पर 148 चार्जिंग मशीनें लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर काम अपेक्षा के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाया।

जानकारी के अनुसार, 23 स्थानों पर 120 चार्जिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, जो अभी टेस्टिंग फेज में हैं। ऐसे में मशीनें लगने के बावजूद आम वाहन चालकों को सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा मिलने में देरी हो रही है। परियोजना का जिम्मा भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) को दिया गया है।


केंद्र सरकार के उपक्रम राजस्थान इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (आरईआइएल) के साथ मिलकर इसे विकसित किया जा रहा है।

लक्ष्य बड़ा, लेकिन सुविधा अब तक अधूरी

परियोजना के तहत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाने थे, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए भटकना न पड़े। लेकिन मशीनों को भी टेस्टिंग से आगे बढ़ाकर सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है।

यह भी पढ़ें- भोपाल की सड़कों पर अब 10 नहीं 20 ई-बसें दौड़ेंगी... 12 हजार यात्रियों को होगा फायदा, ये है पूरा रूट

केंद्र ने जारी किया था 912.50 रुपये करोड़ का बजट

ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में भी लाखों रुपये का खर्च आता है। मध्यम श्रेणी के कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन पर करीब 15 से 25 लाख रुपये, जबकि हाई-पावर कमर्शियल हब बनाने पर 25 लाख से एक करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत है।

इस बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर के लिए 912.50 रुपये करोड़ का बजट आवंटित किया है।

10 चार्जिंग स्टेशनों से गन चोरी

वहीं, भोपाल में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में 10 चार्जिंग स्टेशनों पर लगी चार्जिंग गन चोरी होने की जानकारी सामने आई है। चार्जिंग गन चोरी होने से स्टेशनों के उपयोग और रखरखाव पर भी असर पड़ सकता है।

ईवी चार्जिंग स्टेशनों से जो गन चोरी हुए है, इसकी शिकायत संबंधित थानों में की है। योजना की शुरुआ थोड़ी थीमी जरूर है, लेकिन जल्दी ही बाकी स्थानों पर स्टेशनों को स्थापित किया जाएगा।- अंजू अरुण कुमार, सीईओ, बीसीएलएल।

ईवी चार्जिंग स्टेशनों को विकसित करने का काम बीसीएलएल का है। इसमें परिवहन विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है।- जितेंद्र शर्मा, आरटीओ भोपाल।