
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को एक जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी पेंशनरों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है। इसे बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने के लिए मध्य प्रदेश से सहमति मांगी गई है। जबकि, मप्र में एक जनवरी 2025 से कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। जुलाई में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया है, तभी से इसमें वृद्धि की मांग हो रही है।
छत्तीसगढ़ का पत्र आने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही मप्र में भी तीन प्रतिशत महंगाई राहत और भत्ता बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। प्रदेश के सात लाख नियमित और ढाई लाख अन्य संवर्ग के सातवें वेतनमान में आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता एक जुलाई 2024 से तीन और एक जनवरी 2025 से दो प्रतिशत की वृद्धि कर 55 प्रतिशत किया गया। एक जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच पांच किस्तों में किया गया।
जुलाई से भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता और राहत देने का फैसला लिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ ने एक जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाकर देना प्रारंभ कर दिया। पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि के लिए चूंकि मध्य प्रदेश की सहमति अनिवार्य होती है, इसलिए पत्र भेजा है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि, बजट सत्र की घोषणा हो चुकी है इसलिए संभावना है कि बजट में ही इसकी घोषणा हो।
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उधर, प्रदेश सरकार आगामी तीन साल में महंगाई भत्ता तीस प्रतिशत तक बढ़ाएगी। हालांकि, इस साल का अनुमान गड़बड़ाया हुआ है। बजट में 64 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता बढ़ाने के हिसाब से प्रविधान रखा गया था लेकिन अभी तक यह 55 प्रतिशत ही पहुंचाया है। वर्ष 2026-27 में 74, 2027-28 में 84 और 2028-29 में यह 94 प्रतिशत प्रस्तावित है। सभी विभागों से रोलिंग बजट में इसी हिसाब से स्थापना व्यय में प्रविधान कराए जा रहे हैं ताकि यह अंदाजा रहे कि किस वर्ष में महंगाई भत्ते और राहत में कितनी राशि लगेगी।