सीएम मोहन यादव लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपए, 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में पहुंचेगी राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 जनवरी को प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री होशंगाबाद जिले के माखन नगर (बाबई) ...और पढ़ें
By Amit SinghEdited By: Amit Singh
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 08:57:52 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 08:57:52 PM (IST)
माखन नगर (बाबई) में होगा लाड़ली बहना का राज्य स्तरीय सम्मेलनडिजिटल डेस्क, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 जनवरी को प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री होशंगाबाद जिले के माखन नगर (बाबई) में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 'लाड़ली बहना योजना' की 32वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार पात्र बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
गैस सिलेंडर सब्सिडी और विकास कार्यों की सौगात इस अवसर पर मुख्यमंत्री केवल लाड़ली बहना योजना ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और गैर-उज्ज्वला श्रेणी की पात्र बहनों को भी लाभान्वित करेंगे। प्रदेश की लगभग 29 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव माखन नगर में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण कर क्षेत्र को नई सौगातें भी देंगे।
बढ़कर मिल रही है आर्थिक सहायता उल्लेखनीय है कि जून 2023 में शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के लिए संबल बनकर उभरी है। योजना के तहत नवंबर 2025 से मासिक राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद अब पात्र हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस वृद्धि का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को और अधिक सुदृढ़ करना है।
योजना की अब तक की उपलब्धि योजना की शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक प्रदेश की महिलाओं के खातों में कुल 48,632 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार, केवल जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच ही सरकार ने 38,635 करोड़ 89 लाख रुपये का अंतरण किया है। भविष्य में सरकार का लक्ष्य इन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखकर, उन्हें स्वरोजगार, कौशल उन्नयन और विभिन्न रोजगार कार्यक्रमों से जोड़कर पूरी तरह सशक्त बनाना है।