यात्रीगण ध्यान दें! दिल्ली में CJP प्रदर्शन का रेल यात्रियों पर भारी असर; तीसरे दिन भी घंटों लेट पहुंची शताब्दी और पंजाब मेल
पंजाब मेल करीब 3 घंटे और शताब्दी एक्सप्रेस करीब 4 घंटे की देरी से चली। रेवांचल एक्सप्रेस 2 घंटे 10 मिनट, जबकि कर्नाटक संपर्क क्रांति और सचखंड एक्सप्रे...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 12:28:38 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 12:28:38 PM (IST)
स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में यात्री परेशान होते रहे। नईदुनिया।HighLights
- 10 अक्टूबर को हुए सीजेपी प्रदर्शन, 11 अक्टूबर को भी रेल यातायात प्रभावित रहा
- दिल्ली से भोपाल आने वाली और भोपाल होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं
- ट्रेनों की देरी से यात्रियों को परेशानी हुई, कई घंटों तक मजबूरी में इंतजार करते रहे
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दिल्ली के जंतर-मंतर में 10 अक्टूबर को हुए सीजेपी प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर 11 अक्टूबर को भी दिखाई दिया। 9 और 10 अक्टूबर को परेशान हुए यात्रियों को रविवार को भी राहत नहीं मिली।
दिल्ली से भोपाल आने वाली और भोपाल होकर गुजरने वाली एक्सप्रेस के साथ प्रीमियम ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
यात्रियों को हुई परेशानी
ट्रेनों की देरी से उन यात्रियों को परेशानी हुई, जिन्हें तय समय पर भोपाल या रास्ते के अन्य स्टेशनों पर पहुंचना था। नौकरीपेशा लोगों, जरूरी काम से यात्रा करने वालों और आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों का समय प्रभावित हुआ।
शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन के चार घंटे देरी से चलने से समय पर पहुंचने की उम्मीद लगाए यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ा।
ये ट्रेनें रहीं लेट
- पंजाब मेल (12138) : करीब 3 घंटे देरी से।
- शताब्दी एक्सप्रेस (12002) : करीब 4 घंटे देरी से।
- कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (22686) : करीब 1 घंटे देरी से।
- सचखंड एक्सप्रेस (12716) : करीब 1 घंटे देरी से।
- वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20172) : करीब 30 मिनट देरी से।
- रेवांचल एक्सप्रेस (22145) : करीब 2 घंटे 10 मिनट देरी से।
इसके अलावा अन्य ट्रेनें भी लेट रहीं।
समय पर परिचालन बड़ी चुनौती
लगातार दूसरे और तीसरे दिन तक यात्रियों को परेशानी होने से रेल परिचालन और समय पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। त्योहारों के दौरान पहले से ही ट्रेनों में वेटिंग बढ़ रही है। ऐसे में ट्रेनों की देरी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
रेलवे के लिए जरूरी है कि यात्रियों को देरी की सही जानकारी समय पर मिले और परिचालन सामान्य करने के प्रयास किए जाएं, ताकि यात्रियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।