
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली से ठीक पहले राजधानी की सफाई व्यवस्था नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच उलझी नजर आ रही है। तीन दिन की सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होने के बाद निगम ने 13 घंटे में पूरा शहर साफ करने का दावा किया। इसके लिए गुरुवार रात से 14 हजार सफाईकर्मियों को मैदान में उतारकर रातभर अभियान चलाया गया और करीब 3500 टन कचरा उठाकर आदमपुर कचरा खंती भेजने की बात निगम द्वारा कही गई।
लेकिन हकीकत निगम के दावों के एकदम उलट नजर आई। शनिवार को रूप चौदस के मौके पर भी शहर की कई प्रमुख सड़कों और रहवासी इलाकों में कचरे के ढेर लगे रहे। वहीं, कई जगह तो नगर निगम के कर्मचारियों ने ही कचरे के ढेरों में भी आग लगा दी, जिससे उठते धुआं के गुबार ने शहर की हवा को दूषित कर दिया।
हालांकि, नगर निगम का अमला पूरे दिन जगह-जगह कचरे को उठाने में लगा रहा। ऐसे में दीपावली के दिन भी नगर निगम के सफाई अमले को सड़कों और गलियों से कचरा उठाने में जुटना होगा। यानी त्योहार के दिन शहर को साफ रखने के बजाय निगम का अमला तीन दिन की गंदगी समेटने में ही लगा रहेगा।
दरअसल, तीन दिन पहले नियमितीकरण सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते शहर से निकलने वाला कचरा नहीं उठ सका। धनतेरस की रात मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद हड़ताल खत्म हुई। इसके बाद रात करीब नौ बजे से सफाई अभियान शुरू किया गया।
निगम के अनुसार, 14 हजार कर्मचारियों ने रातभर काम कर 3500 टन से अधिक कचरा उठाया। कचरे को गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों तक पहुंचाया गया और वहां से कैप्सूल वाहनों के जरिए आदमपुर खंती भेजा गया।
प्रमुख बाजारों में पानी से धुलाई कराई गई और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश की गई। शनिवार सुबह सात बजे महापौर मालती राय और निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने चौक बाजार, पीरगेट, लखेरापुरा, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट और शाहपुरा-मनीषा मार्केट में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
लेकिन निगम के निरीक्षण वाले प्रमुख बाजारों से बाहर शहर की तस्वीर अलग थी। करोंद, छोला, अयोध्या बायपास, कटारा हिल्स रोड और अवधपुरी सहित कई क्षेत्रों में शनिवार को भी सड़क किनारे कचरे के ढेर लगे रहे। करोंद में कई जगह जमा कचरे में आग लगा दी गई थी, जिससे धुआं उठ रहा था। कई स्थानों पर मृत मवेशियों के नहीं उठने से दुर्गंध की समस्या भी बनी रही।
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दीपावली पर घरों और बाजारों की सफाई के साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी निगम की है। लेकिन शहर के कई हिस्सों में अब भी कचरे के ढेर लगे होने से सफाई अभियान अधूरा है। त्योहार के दिन बाजारों और रहवासी इलाकों में आवाजाही बढ़ेगी, ऐसे में सड़क किनारे पड़ा कचरा लोगों की परेशानी बढ़ाएगा।
शहर की साफ-सफाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में बेहतर से बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं, ताकि शहर के नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। हम शहर को साफ-स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ भोपाल के संकल्प को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। हड़ताल समाप्त होने के तत्काल बाद से वर्तमान तक सफाई मित्रों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और परिश्रम का परिचय देते हुए सफाई व्यवस्था में लगे हुए हैं।- मालती राय, महापौर