नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का गुरुवार को 56वां दिन है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी भोपाल पहुंच रहे हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सामने धरना स्थल पर प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री निवास के घेराव की तैयारी की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं, इसके बावजूद भर्ती में सीमित पद निकाले जा रहे हैं।
उनका आरोप है कि प्राथमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक संवर्ग में पदों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके और स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर हो।
प्रदेश में तीन लाख शिक्षक पद खाली होने का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे युवा इसी प्रदेश के परिवारों से हैं।
उनके अनुसार, प्रदेश में शिक्षकों के लगभग तीन लाख पद खाली हैं। उन्होंने सरकार से वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग की।
पटवारी ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विभिन्न व्यवस्थाओं और अन्य कार्यों के लिए कर्ज लिया जा रहा है, तो शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए भी संसाधन जुटाए जा सकते हैं।
राहुल गांधी ने भी पत्र लिखकर उठाई मांग
आंदोलन से जुड़े अभ्यर्थियों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा है। उनका आग्रह है कि शिक्षकों को आंदोलन करने के लिए मजबूर करने के बजाय उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाए।
प्राथमिक शिक्षक के 1.09 लाख पद रिक्त होने का दावा
अभ्यर्थियों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में प्राथमिक शिक्षक के करीब 1.09 लाख पद रिक्त हैं।
उनका कहना है कि वर्ष 2022 और 2023 में प्राथमिक शिक्षकों के माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद प्राथमिक शिक्षक के कई पद खाली हुए, लेकिन उनके अनुपात में पर्याप्त भर्ती नहीं की गई।