• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP में अटक सकते हैं भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट; OBC आरक्षण के कारण पटवारी, जेल प्रहरी व वनरक्षक के 7 हजार पदों पर फंसा पेंच

ओबीसी आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद सात हजार से अधिक पदों के परिणाम घोषित करने में देरी हो सकती है।

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:13:14 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:13:14 AM (IST)
MP में अटक सकते हैं भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट; OBC आरक्षण के कारण पटवारी, जेल प्रहरी व वनरक्षक के 7 हजार पदों पर फंसा पेंच
प्रतीकात्मक

HighLights

  1. छह परीक्षाओं के परिणाम अटकने की आशंका
  2. ओबीसी आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद असमंजस
  3. सामान्य प्रशासन विभाग से मांगा जा रहा मार्गदर्शन

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को अवैधानिक करार देने के बाद छह परीक्षाओं के परिणाम लटक सकते हैं। दरअसल, हाई कोर्ट ने 2019 में बढ़ाए गए 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को अवैधानिक बताकर निरस्त कर दिया है।

अब कर्मचारी चयन मंडल को जिन परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने हैं, उन्हें 14 प्रतिशत आरक्षण के साथ घोषित किया जाए या फिर 13 प्रतिशत पद रोककर परिणाम घोषित हो, इसकी अभी स्पष्टता नहीं है।

हाईकोर्ट के बाद असमंजस

कर्मचारी चयन मंडल वनरक्षक एवं जेल प्रहरी, समूह दो के उप समूह चार, पटवारी, सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) पद के लिए परीक्षा ले चुका है। परिणाम घोषित किया जाना है, लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर नया मामला सामने आ गया। अभी तक 13 प्रतिशत पदों को रोककर परिणाम घोषित किए जा रहे थे लेकिन हाई कोर्ट के निर्णय से स्थिति बदल गई है।


अब 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के साथ परिणाम घोषित करना है और जो 13 प्रतिशत पदों के परिणाम रोके जा रहे थे वे अनारक्षित श्रेणी में घोषित करके भर्ती करनी है। यह व्यवस्था हाई कोर्ट के निर्णय पर दूसरी कोई व्यवस्था आने तक प्रभावी है।

यह भी पढ़ें- एमपी में OBC आरक्षण पर गरमाई सियासत, हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में सरकार

मांगा जा रहा मार्गदर्शन

सूत्रों का कहना है कि इस परिस्थिति में मंडल परिणाम घोषित करने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांग रहा है कि किस फार्मूले से परिणाम घोषित किए जाएं।

हालांकि, कानूनी पहलुओं पर व उच्च स्तर पर विचार-विमर्श चलने के कारण न तो मंडल का कोई अधिकारी इस मामले पर अधिकारिक तौर पर कुछ कह रहा है और न ही सामान्य प्रशासन विभाग का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार है।