OBC आरक्षण: दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मिले CM मोहन यादव, कांग्रेस ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान को अमान्य किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सालिसिटर जन...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 08:28:04 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 08:28:04 AM (IST)
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सभी संभावनाओं पर विचार करने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से नई दिल्ली में भेंट की।सौ- इंटरनेट मीडियाHighLights
- सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से की मुलाकात
- प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से कानूनी पहलुओं पर चर्चा की
- कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाने की मांग की
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में हाई कोर्ट द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को अमान्य करने से मामला गरमा गया है। भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ओबीसी महासभा ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है।
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सभी संभावनाओं पर विचार करने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से नई दिल्ली में भेंट की। सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के निर्णय को लेकर विशेष अनुमति याचिका दायर कर सकती है।
कांग्रेस ने की कानून बनाने की मांग
उधर, कांग्रेस ने सरकार पर फिर न्यायालय के पाले में गेंद डालने का आरोप लगाते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाने की मांग की है।
बता दें, तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने वर्ष 2019 में अध्यादेश के माध्यम से ओबीसी को सरकारी नौकरियों में 14 के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान किया था।
विधानसभा में विधेयक पारित कराया गया। विरोध में अनारक्षित वर्ग ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत ही रखे जाने का निर्णय सुनाया है।
सभी पहलुओं पर कर रहे विचार- सीएम
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि हम सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्रवाई की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
कांग्रेस हर लड़ाई के लिए तैयार
उमंग सिंघार उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी आरक्षण को लेकर हर लड़ाई के लिए तैयार है। सरकार को न्यायालय के पाले में गेंद डालने के स्थान पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाना चाहिए।
उधर, पार्टी की ओबीसी परिषद के सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार 20 वर्षों से पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय कर रही है।
ऐसे होगा चरणबद्ध आंदोलन
ओबीसी महासभा की कोर कमेटी के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि संगठन ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए तीन चरण में आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है।
15 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की बहाली, 13 प्रतिशत रोके गए पदों पर प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग उठाई जाएगी।
28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा और नवंबर में भोपाल में जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा।