
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में हुई खरीदी में गड़बड़ी का मामला उठा। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की योजनाओं को 2031 तक निरंतर रखने के लिए 345 करोड़ की स्वीकृति के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं होगा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक में वर्चुअली जुड़े नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमने ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से गड़बड़ी पकड़ी है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई से सबको अवगत कराया जाए।
बैठक में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की योजनाओं का प्रस्ताव आते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है, लेकिन गड़बड़ी को हमने पकड़ा है और कार्रवाई भी की है। यह बात सबको बताने की आवश्यकता है। इस पर विभागीय राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि मैंने शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई और आगे जांच कराने की बात कही थी। यह भी बताया था कि डेटा का परीक्षण विभाग लगातार कराता है।
वहीं, विजयवर्गीय ने कहा कि बिल्कुल सही बात है। गड़बड़ी हमने ही पकड़ी है और यह बताया ही जाना चाहिए। उधर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने इस विषय पर कहा कि 201 प्रकरणों में अब तक 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। विभाग ने एआई की मदद से गड़बड़ियां पकड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी क्षेत्र में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर सतर्कता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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बैठक में 8,225 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना, सागर और दमोह से जुड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कैम्पा निधि से वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के लिए 2,050 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इससे क्षतिपूर्ति पौधारोपण, बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन के लिए जलग्रहण क्षेत्रों में वनीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण के काम किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के लिए 1743 करोड़ 58 लाख और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की योजनाओं के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक जिले में 17 नए पद सृजित होंगे और आउटसोर्सिंग से आठ व्यक्तियों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा, 2020-21 में खरीदे सात लाख टन चमकविहीन गेहूं को बेचने की कार्यवाही को स्वीकृति दी गई।