
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सरकार से अनुबंधित निजी बसों का संचालन अप्रैल 2026 से प्रारंभ करने की तैयारी है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों का किराया नहीं लगेगा। इससे ऊपर 12 वर्ष तक के बच्चों का आधा किराया देना होगा। वरिष्ठ नागरिकों को किराये में छूट देने की योजना अभी नहीं है। बसों में महिलाओं और बुजर्गों के लिए कुछ सीटें भी आरक्षित की जाएंगी, पर इस संबंध में निर्णय बसों का संचालन प्रारंभ होने के बाद लिया जाएगा।
इंदौर में आठ शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों से बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। बसों के मार्ग में आने वाले बस स्टैंडों का निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से किया जाएगा। जैसे-जैसे मार्ग निर्धारित कर बसों का संचालन प्रारंभ होगा, उस रूट में आने वाले बस स्टैंडों का निर्माण भी होगा। निर्माण में यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, शौचालय, बसों के आने-जाने के संबंध में जानकारी, उद्घोषणा व्यवस्था रहेगी।
बसों में कार्गों सुविधा भी रहेगी। यानी लोग पार्सल से सामान भी भेज सकेंगे। यात्री किराये से प्राप्त आय के अतिरिक्त यह भी आमदनी का बड़ा माध्यम होगा। साथ ही बसों में विज्ञापन के माध्यम से भी आय अर्जित करने की तैयारी है। यात्री परिवहन से अर्जित आय का 90 प्रतिशत हिस्सा 24 घंटे के भीतर बस संचालक को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार अप्रैल 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में 10 हजार से अधिक बसें चलाने का लक्ष्य सरकार का है। संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इंदौर के बाद उज्जैन में शहरी और उपनगरीय बस सेवा प्रारंभ की जाएगी।