
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नए शिक्षा सत्र से पहले जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी की अनिवार्य खरीद को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक कोई भी निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी निर्धारित दुकान से ही यूनिफॉर्म, जूते, टाई, किताबें या कॉपियां खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा।
इसके लिए जिले के आठ अनुभागों में एसडीएम की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और शासकीय स्कूलों के प्राचार्य शामिल किए गए हैं। एमपी नगर, टीटी नगर, कोलार, शहर वृत्त, बैरागढ़, गोविंदपुरा, हुजूर और बैरसिया अनुभागों में यह टीमें निगरानी रखेंगी।
वर्तमान में स्कूलों की परीक्षाएं जारी हैं, जो मार्च तक चलेंगी। अप्रैल से नया सत्र शुरू होते ही अभिभावकों पर शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव बढ़ जाता है। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर ली है।
यह भी पढ़ें- सिर पर 'रामायण' रख उत्तर प्रदेश से पैदल बागेश्वर धाम निकले अहमद खान, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसी अभिभावक की शिकायत मिले, संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए। प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाना है।