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सागर शराब कांड पर मोहन सरकार का बड़ा एक्शन; रिटायर्ड जस्टिस विष्णु सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित हुआ जांच आयोग

राज्य सरकार ने सागर के बंडा जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित किया, जिसमें रिटायर्ड न्यायमूर्ति विष्णु सिंह चौहान को एक सदस्यीय आयोग क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 08:49:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 08:49:46 PM (IST)
सागर शराब कांड पर मोहन सरकार का बड़ा एक्शन; रिटायर्ड जस्टिस विष्णु सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित हुआ जांच आयोग
फाइल फोटो।

HighLights

  1. सागर के बंडा जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित
  2. रिटायर्ड न्यायमूर्ति विष्णु सिंह चौहान एक सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष नियुक्त
  3. तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपनी होगी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सागर जिले के बंडा तहसील क्षेत्र में मादक पदार्थ के सेवन से हुई दुखद मौतों के मामले में मध्यप्रदेश शासन ने न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी करते हुए उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग नियुक्त किया है।

राज्य शासन ने राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आयोग गठित किया है। आयोग का मुख्यालय सागर रहेगा।

इन बिंदुओं पर होगी जांच

आयोग बंडा क्षेत्र में मादक पदार्थ के सेवन से हुई मौत और अस्वस्थता की घटना की जांच करेगा। इसमें मुख्य रूप से-

- घटना के कारण, स्वरूप और उससे संबंधित परिस्थितियों का परीक्षण कर तथ्यात्मक निर्धारण किया जाएगा।

- संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों, पुलिस एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा निर्धारित दायित्वों के निर्वहन की स्थिति की जांच होगी।

- भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के आवश्यक उपायों की अनुशंसा की जाएगी।

यह भी पढ़ें- सागर शराब कांड: एनकाउंटर के डर से कोर्ट में सरेंडर की कोशिश; पुलिस की घेराबंदी देख नहीं आया आरोपी मनीष लोधी

राजपत्र में प्रकाशन से तीन महीने में रिपोर्ट

राज्य सरकार ने अधिसूचना में कहा है कि जांच की प्रकृति और मामले की अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जांच आयोग को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करनी होगी।

बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं। ऐसे में न्यायिक जांच के जरिए घटना के पीछे की परिस्थितियों के साथ-साथ संबंधित विभागों और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।