
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साढ़े 11 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रमेश एस. थेटे को गुरुवार को भोपाल की अदालत से जमानत मिल गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) कल्पना कोतवाल की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दस हजार रुपये के बंधपत्र पर रिहा करने के आदेश दिए।
अदालत में थेटे ने बताया कि उनके पास जमानतदार की व्यवस्था नहीं है। इस पर उन्होंने मुचलके पर रिहा किए जाने का अनुरोध किया। अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। थेटे को बुधवार को भोपाल के एमपी नगर थाने की पुलिस ने नागपुर के मनीष नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी में नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस ने भी सहयोग किया था। इसके बाद उन्हें भोपाल लाकर अदालत में पेश किया गया।
प्रकरण के अनुसार, परिवादी प्रदीप रामटेके ने आरोप लगाया है कि रमेश थेटे ने उनसे 11.50 लाख रुपये उधार लिए थे। रकम लौटाने के लिए दिया गया चेक बैंक में जमा करने पर पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद परिवादी ने अदालत में परिवाद दायर किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान थेटे के लगातार उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। 23 मार्च 2026 की आदेश पत्रिका के अनुसार, अदालत ने उनकी अनुपस्थिति और वारंट की तामील नहीं होने का उल्लेख किया था। बाद में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 के तहत उन्हें फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। गुरुवार को अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर राहत प्रदान की।
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