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एमपी मंत्रालय में लेटलतीफी पर कसेगी नकेल, अक्टूबर से लागू होगी 'फेस रिकग्निशन' अटेंडेंस, जिलों में भी लागू करने का प्लान

MP Face Recognition Attendance: विभागीय कार्यालयों में देरी से आने वाले शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए वल्लभ भवन स्थित ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 07:58:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 07:58:02 PM (IST)
एमपी मंत्रालय में लेटलतीफी पर कसेगी नकेल, अक्टूबर से लागू होगी 'फेस रिकग्निशन' अटेंडेंस, जिलों में भी लागू करने का प्लान
सीएम मोहन यादव के सख्त निर्देश पर प्रशासनिक कसावट। (AI Generated Image)

HighLights

  1. सीएम मोहन यादव के सख्त निर्देश पर प्रशासनिक कसावट
  2. कर्मचारियों को सुबह-शाम दोनों वक्त स्कैन कराना होगा चेहरा
  3. बायोमीट्रिक रजिस्टर खत्म, डिजिटल रिकॉर्ड रखेगी सरकार

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। विभागीय कार्यालयों में देरी से आने वाले शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में अक्टूबर से फेस रिकग्निशन अटेंडेंस (चेहरे की पहचान पर आधारित उपस्थिति प्रणाली) लागू होगी। अधिकारियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए मंत्रालय के गलियारों में भी ये मशीनें लगाई जाएंगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने उक्त तीनों भवनों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की फेस रिकग्निशन अटेंडेंस का कार्य अक्टूबर के तृतीय सप्ताह तक पूर्ण कर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जुलाई के अंतिम सप्ताह में जारी कर दिया गया था। अब स्थापना का कार्य किया जा रहा है।


प्रदेश के सभी जिलों में भी लागू करने की योजना

हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेस रिकग्निशन अटेंडेंस के लिए जुलाई के अंत तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह उपस्थिति प्रणाली प्रदेश के सभी जिलों में भी लागू करने के लिए योजना बनाने को कहा था। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करना, कर्मचारियों की लेटलतीफी पर नकेल कसना और सरकारी दफ्तरों में कामकाज को अधिक पारदर्शी बनाना है।

सभी विभागों के कर्मचारियों का प्रमाणित डाटा मांगा गया

इस हाई-टेक अटेंडेंस सिस्टम के लिए हाल ही में सभी विभागों से कर्मचारियों का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और जेंडर जैसा प्रमाणित डाटा मांगा गया है ताकि इसे सिस्टम में फीड किया जा सके।

पांच दिवसीय कार्य दिवसों में सरकारी कार्यालयों का आधिकारिक समय सुबह 10 बजे से सायं छह बजे तक है। कर्मचारियों को न केवल सुबह कार्यालय आते समय, बल्कि शाम को कार्यालय से निकलते समय भी फेस रिकग्निशन सिस्टम के सामने चेहरा स्कैन कराकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

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कर्मचारियों के आने-जाने का रखा जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड

उपस्थिति की निगरानी को और सख्त करने के उद्देश्य से यह उपस्थिति प्रणाली शुरू की जा रही है, जिसके तहत कर्मचारियों के आने-जाने का डिजिटल रिकार्ड रखा जाएगा। राज्य ने इस वर्ष जनवरी, मई और अगस्त में कम से कम तीन निर्देश जारी किए, जिनमें समय की पाबंदी पर जोर दिया गया और बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की योजना की घोषणा की गई।

वर्तमान में, कर्मचारी आमतौर पर अपने-अपने विभागों द्वारा रखे गए हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करने का कोई प्रभावी तंत्र नहीं है कि कोई कर्मचारी पूरे कार्य समय तक कार्यालय में मौजूद रहता है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों के लिए अपने वरिष्ठों के कार्यालय छोड़ने के तुरंत बाद चले जाना एक आम चलन है।