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उज्जैन सिंहस्थ 2028 में हाई-टेक सुरक्षा: ड्रोन से होगी भीड़ पर नजर, अपनों को तलाशने बनेगा 'खोया-पाया' एप

सिंहस्थ क्षेत्र में 1500 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरों और ड्रोन से निगरानी होगी। क्षमता से अधिक भीड़ होने पर कैमरे कंट्रोल सेंटर को अलर्ट करेंगे।

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 11:54:28 AM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 11:54:28 AM (IST)
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में हाई-टेक सुरक्षा: ड्रोन से होगी भीड़ पर नजर, अपनों को तलाशने बनेगा 'खोया-पाया' एप
फोटो एआई से तैयार की गई है।

HighLights

  1. सिंहस्थ मेले में ड्रोन और AI से भीड़ पर नजर
  2. गुूम इंसानों को खोजने बनेगा खोया-पाया एप
  3. करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। कारण, इस बार 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की आशा है, जबकि पिछले सिंहस्थ में सात करोड़ लोग आए थे। घाटों की लंबाई इस बार 28 किमी तक है।

ऐसे में पुलिस का सबसे अधिक जोर तकनीक के उपयोग पर है। मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा।

कैमरे की रिकॉर्डिंग और एप से होगा प्रबंधन

एकीकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर के माध्यम से सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन किया जाएगा। ड्रोन कैमरों से मिलने वाली रिकॉर्डिंग में साफ्टवेयर के माध्यम से यह पता किया जा सकेगा कि कहां पर क्षमता से अधिक भीड़ हो गई है।


साथ ही भीड़ का मूवमेंट किधर है, जिससे यह पता किया जा सकेगा, कहां ज्यादा भीड़ होने वाली है।

भीड़ प्रबंधन के लिए मप्र पुलिस प्रयागराज कुंभ में अपनाए गए भीड़ प्रबंधन मॉडल का भी उपयोग करेगी। गुमशुदा लोगों का पता लगाने के लिए खोया-पाया एप बनाया जाएगा।

इसी तरह से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी एप तैयार किया जा रहा है, जिसमें हेल्पलाइन नंबर सहित उनके काम की अन्य जानकारी रहेगी।

200 मास्टर ट्रेनर रहेंगे तैनात

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण भी प्रारंभ हो गया है। दो बैच में प्रदेश भर से 200 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए गए हैं। ये अब अपने-अपने जिलों में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। आखिरी में एक सप्ताह के लिए सभी का प्रशिक्षण उज्जैन में कराया जाएगा।

पिछले माह भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर कार्यशाला भी हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश की स्पेशल डीजी रेणुका मिश्रा ने प्रयागराज कुंभ में सुरक्षा प्रबंध के लिए किए गए नवाचारों के बारे में बताया था।

उत्तर प्रदेश के एडीजी रेल प्रकाश डी ने ट्रेनों में भीड़ प्रबंधन की रणनीति के बारे में बताया था। एआई आधारित

कैमरे लगाए जाएंगे। भीड़ अधिक होने पर कैमरे खुद अलर्ट करेंगे।

यह भी पढ़ें- उज्जैन सिंहस्थ के लिए महाप्लान, हर जिले से 10% पुलिस बल को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग, 53 बैच में पूरा होगा प्रशिक्षण

भीड़ प्रबंधन के लिए ये काम होंगे

- तीन से चार सेटेलाइट रेलवे स्टेशन बनेंगे, जिससे एक साथ शहर में भीड़ न पहुंचने पाए। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पहले यहीं पर रोका जाएगा।

- इसी तरह से वाहनों को नियंत्रित करने के लिए दूसरे जिलों में शहर की सीमाओं में ही उन्हें रोक दिया जाएगा। उज्जैन में जगह बनने पर उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।

- 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। कैमरे एआई आधारित होंगे, जिसमें फेस रिकग्नीशन सिस्टम भी रहेगा। नैफीस से संदिग्धों के फोटो लेकर सर्वर में फीड किया जाएगा, जिससे संदिग्ध के कैमरे के सामने आने पर अलर्ट मिल जाएगा।

- डौन कैमरों का ट्रायल भी भीड़ में किया जा चुका है।

- पुलिस स्टेशन के साथ फायर सेफ्टी स्टेशन भी वहीं पर बनाए जाएंगे।