
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्णब' ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के यानम के तटवर्ती क्षेत्रों में दस्तक दे दी है। तूफान के प्रभाव से तटीय हिस्सों में मूसलाधार बारिश और बेहद तेज आंधी का दौर शुरू हो चुका है। चक्रवात की तीव्रता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह मुस्तैद है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात के कोर एरिया में हवा की गति 125 से 135 किमी प्रति घंटे दर्ज की जा रही है, जो झोंकों के दौरान 150 किमी प्रति घंटे की चरम गति तक पहुंच रही है। यह चक्रवात फिलहाल करीब 3 किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आगे चलकर यह प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम की दिशा में मुड़ जाएगी।
तूफान की शुरुआती दस्तक के साथ ही आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और अनकापल्ली जिलों में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी के अनुसार, कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने से करंट लगने की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। विद्युत ग्रिड और बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए टीमें मौके पर जुटी हैं।
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' का असर, अनूपपुर, बालाघाट और मंडला समेत पूर्वी जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट'
तूफान के संभावित मार्ग को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के 16 प्रभावित जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। तटीय और संवेदनशील इलाकों से अब तक 30 हजार से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
तटीय इलाकों में कई जगह पेड़ और साइनबोर्ड गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि राहत दलों की तत्परता से ओडिशा में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार जलभराव व बुनियादी सेवाओं की निगरानी कर रहा है।