मध्य प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' का असर, अनूपपुर, बालाघाट और मंडला समेत पूर्वी जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट'
भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' 135 किमी/घंटा की रफ्तार से आंध्र तट से टकराया। इसके असर से मध्य प्रदेश समेत सात राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 10:41:39 AM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 10:41:39 AM (IST)
मध्य प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' का असर। (एआई जनरेटेड)HighLights
- चक्रवात 'अर्नब' 135 किमी/घंटे की रफ्तार से आंध्र तट से टकराया।
- आंध्र प्रदेश में 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द हुईं।
- ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद, 30 हजार लोग विस्थापित।
डिजिटल डेस्क। बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने तटीय इलाकों में दस्तक देकर तबाही मचाना शुरू कर दिया है। मंगलवार देर रात करीब साढ़े तीन बजे 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं के साथ यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया।
तूफान की तीव्रता का असर अब मध्य भारत तक पहुंच गया है, जिसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को मध्य प्रदेश के कई पूर्वी जिलों में भारी वर्षा का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल समेत कई क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला बना रहा।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का अलर्ट
- मौसम केंद्र ने अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर और सिवनी में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं, जबकि रीवा समेत करीब 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
- मौसम विज्ञानी के अनुसार चक्रवात 'अर्नब' के लैंडफॉल के बाद सिस्टम से आ रही नमी मध्य प्रदेश के वायुमंडल में प्रवेश कर चुकी है। इसी के असर से बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम बदला रहा और रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई।
भोपाल, सीहोर, विदिशा, दतिया, भिंड और टीकमगढ़ में दिनभर घने बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। आगामी 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों का डेरा और तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। आंध्र में भारी तबाही
- तूफान के तट से टकराने के बाद आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाड़ा और कोनसीमा जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। तूफानी हवाओं और जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
- सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने 50 ट्रेनों का परिचालन निरस्त कर दिया है, वहीं विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर 21 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। निचले व तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने पर प्रशासन ने हजारों परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया है।
ओडिशा में 16 जिलों के स्कूल बंद
- चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर राज्य के 16 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों से अब तक 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
- आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां पीड़ितों के ठहरने और भोजन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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सात राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी
- मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवात का दायरा केवल समुद्र तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, इसका असर देश के बड़े हिस्से में दिखेगा।
- मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।