
भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका पोर्टल के बाद अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के स्टेजिंग सर्वर पर साइबर अटैक का संदेह है। इस सर्वर का उपयोग ट्रायल के लिए किया जाता है। साइबर विशेषज्ञ जांच में जुट गए हैं। उधर, ई-नगर पालिका पोर्टल पर साइबर अटैक से उसमें दर्ज 50 लाख मकानों का डाटा चोरी हुआ या नहीं, इसकी जानकारी अब तक विभाग नहीं जुटा पाया है।
इसे लेकर अपर मुख्य सचिव गृह डा. राजेश राजोरा ने साइबर सुरक्षा को लेकर आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सात दिन में इसकी रिपोर्ट दी जाए। ई-नगर पालिका पोर्टल पर हुए साइबर अटैक की घटना के बाद अपर मुख्य सचिव गृह ने नगरीय विकास, स्वास्थ्य, सायबर पुलिस सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने एनएचएम के स्टेजिंग सर्वर पर साइबर अटैक को लेकर पूछा तो यह बताया गया कि दो दिन पहले कुछ हुआ है। इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव ने बताया कि स्टेजिंग सर्वर पर गड़बड़ी हुई है, जिसकी जांच कराई जा रही है। उधर, डा. राजोरा ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों से पूछा कि ई-नगर पालिका पोर्टल में जिन 50 लाख मकानों का डाटा था, उसकी क्या हालत है। इस पर प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई सहित अन्य अधिकारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई और सात दिन में रिपोर्ट मांगी।
जांच में यह भी सामने आया कि सर्वर में 2012 का आपरेटिंग सिस्टम लगा था। इसे लेकर भी बैठक में आपत्ति जताई गई। इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर, नेटवर्किंग और एप्लीकेशन आडिट होता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर आडिट नहीं हुआ। इससे गड़बड़ी की संभावना बनी रहती है।
नियमानुसार पोर्टल का डाटा दो जगह रखा जाता है पर यह एक ही सर्वर में रखा गया था। यह व्यवस्था साइबर सुरक्षा के निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं है। जब साइबर अटैक की सूचना मिली तो इसे बंद कर दिया गया, जिससे डाटा भी खत्म हो गया। सर्वर में 60 टेराबाइट डाटा था। हालांकि, गनीमत यह रही कि आफलाइन डाटा हार्डडिस्क में रखा गया था, जिससे तीन दिन पहले यानी 18 दिसंबर तक का बैकअप मिल जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह ने निर्देश दिए कि सभी विभाग सिक्योरिटी आडिट कराएं। अलग-अलग सर्वर का उपयोग न करें। राज्य डाटा सेंटर के बाहर परिवहन, ऊर्जा, कोषालय, पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा डाटा रखने पर भी आपत्ति जताई गई और कहा कि इसे एक स्थान पर लेकर आया जाए ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। नकली पोर्टल बनाकर कोई दुरुपयोग न करे, इसलिए डोमेन नेम एक किया जाए।
ई-नगर पालिका पोर्टल पर फास्ट रैंसमवेयर का हमला हुआ था। सर्वर पर 35 से 40 एप्लीकेशन थे, जो प्रभावित हुए। साइबर हमला 21 दिसंबर को सुबह दस बजे हुआ। इसकी जानकारी लगते ही सर्वर को बंद कर दिया गया। इसके पहले मई 2023 में पावर मैनेजमेंट कंपनी के आंतरिक आइटी सिस्टम और जुलाई 2023 में भी कई साइटों के सर्वर को निशाना बनाया गया था।