'जेल में बंद माताओं और बच्चों की देखभाल हो बेहतर'; MP जेल DGP बोले- सुधार के लिए राज्यों और संस्थानों के बीच समन्वय जरूरी
भोपाल स्थित केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में ‘जेल शासन में वर्दीधारी महिलाओं’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय पांचवां राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को संपन्न...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 10:32:26 AM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 10:32:26 AM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।HighLights
- जेल सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
- माताओं और बच्चों की देखभाल पर चर्चा
- मानवीय और पुनर्वास केंद्रित जेल व्यवस्था पर जोर
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी), भोपाल में 'जेल शासन में वर्दीधारी महिलाओं' विषय पर आयोजित पांचवां दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को संपन्न हुआ। इसमें 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिला जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ वरिष्ठ जेल प्रशासकों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
समापन सत्र में लैंगिक संवेदनशील और समावेशी कारागार शासन, आदर्श जेल नियमावली-2016 को मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने एवं जेल में बंद माताओं व बच्चों की देखभाल पर चर्चा हुई।
व्यवस्थाओं में सुधार पर मंथन
सत्रों में मानसिक स्वास्थ्य, महिला बंदियों के अधिकार, मातृत्व और बाल कल्याण से जुड़ी सुधारात्मक पहलों पर भी विचार किया गया।
मप्र के जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने कहा कि जेल व्यवस्था को अधिक मानवीय, सुरक्षित और पुनर्वास केंद्रित बनाने में महिला अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्यों और संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाकर जेल सुधारों को गति देने पर जोर दिया।
सम्मेलन का शुभारंभ 8 अक्टूबर को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने किया था।