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MP में 'ऊर्जा विभाग की तर्ज पर बने संविदाकर्मियों की नियमितीकरण नीति'; जानिए महासंघ ने सरकार से की हैं क्या प्रमुख सिफारिशें

संगठन ने राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपकर समान व्यवस्था सभी विभागों में लागू करने और स्थायी नियमितीकरण नीति बन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 12:14:04 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 12:14:04 PM (IST)
MP में  'ऊर्जा विभाग की तर्ज पर बने संविदाकर्मियों की नियमितीकरण नीति'; जानिए महासंघ ने सरकार से की हैं क्या प्रमुख सिफारिशें
फोटो, इंटरनेट मीडिया से ली गई है।

HighLights

  1. महासंघ ने की सभी विभागों में नियमितीकरण की मांग
  2. मप्र में ऊर्जा विभाग का मॉडल लागू करने की सिफारिश
  3. MP में बने संविदाकर्मियों के लिए नियमितीकरण नीति

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। ऊर्जा विभाग ने कई सालों से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए विभागीय पात्रता परीक्षा की योजना लागू की है। लगभग 6 हजार पद इस वर्ग के लिए सुरक्षित किए गए हैं।

संविदा कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने राज्य कर्मचारी कल्याण समिति से मांग की है कि इस तरह की नीति सभी विभागों में लागू की जाए। इसके लिए संविदा कर्मी नियमितीकरण की नीति बनाई जाए।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने प्रतिनिधिमंडल के साथ समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा को ज्ञापन देकर मांग की है कि ऊर्जा विभाग ने विभागीय परीक्षा में जो प्रावधान किए हैं, वैसा सभी विभागों में किया जाए।

यह भी पढ़ें- 10 साल का अनुभव रखने वालों संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी, राज्यमंत्री कृष्णा गौर का बड़ा बयान

परीक्षा के माध्यम मिले लाभ

योजना के अनुसार प्रश्न पत्र 100 अंक का होगा, जिसमें उत्तीर्ण होने के लिए अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग के लिए संविदाकर्मियों को 40 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत अंक लाना होंगे। जितने वर्ष सेवा की है, उतने वर्षों के अनुभव के 30 अंक मिलेंगे। यही व्यवस्था सभी विभागों में लागू हो।