
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में भारत सरकार की राहवीर योजना लागू हुए सवा साल हो गए हैं, लेकिन केवल 49 राहवीर ही सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सामने आए हैं। इन्होंने गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इन 49 राहवीरों को राज्य सरकार ने 25 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। इन 49 राहवीरों को 12 लाख 25 हजार रुपये की राशि दी गई है।
लेकिन पुलिस का भय कहें या कानूनी प्रक्रिया में कोई उलझना नहीं चाहता, इन तमाम वजहों से राहवीर सड़क हादसों में घायलों की मदद करने से कतराते हैं। प्रदेश में सड़क हादसों में डेढ़ साल में 90 हजार 138 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें से 95 हजार 843 लोग घायल हुए और 25 हजार 869 लोगों की मृत्यु हुई।
बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 को राहवीर योजना शुरू की गई थी। योजना के अंतर्गत सबसे बड़ी शर्त यह है कि घायल को दुर्घटना के पहले घंटे में अस्पताल पहुंचाया जाए।
सड़क दुर्घटना में घायल को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी मौत का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। लेकिन पुलिस कहीं गवाह न बना ले, इस डर से कुछ लोग चाहकर भी मदद नहीं करते।
केंद्र सरकार ने इसे प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना शुरू की। इसका उद्देश्य था कि बिना डर के लोग पीड़ित का सहयोग कर सकें। गंभीर घायल को दुर्घटना के पहले घंटे में अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान योजना में किया गया है।
यह भी साफ कर दिया गया कि मदद करने वाले से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगी न ही गवाह बनाएगी। इसके बाद भी योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश की स्थिति ठीक नहीं है।
| जिला | हादसे | घायल | मृतक |
| भोपाल | 4121 | 3336 | 316 |
| इंदौर | 5404 | 4443 | 441 |
| ग्वालियर | 2934 | 2412 | 551 |
| जबलपुर | 5333 | 6444 | 993 |
(नोट : आंकड़े डेढ़ साल के हैं।)