• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

634 करोड़ की ठगी पर मध्य प्रदेश बेबस, यूपी में 75 साइबर थाने; एमपी में अब भी सिर्फ एक के भरोसे सुरक्षा

साइबर ठगी की घटनाएं और राशि लगातार बढ़ने के कारण अधिकतर बड़े राज्यों ने चुनौतियों से निपटने के लिए अपने संसाधन बढ़ाए, लेकिन मध्य प्रदेश इसमें पिछड़ा ह...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 15 Feb 2026 09:28:19 AM (IST)Updated Date: Sun, 15 Feb 2026 09:28:19 AM (IST)
634 करोड़ की ठगी पर मध्य प्रदेश बेबस, यूपी में 75 साइबर थाने; एमपी में अब भी सिर्फ एक के भरोसे सुरक्षा
साइबर ठगी के मामले में एमपी में व्यवस्था ढीली

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। साइबर ठगी की घटनाएं और राशि लगातार बढ़ने के कारण अधिकतर बड़े राज्यों ने चुनौतियों से निपटने के लिए अपने संसाधन बढ़ाए, लेकिन मध्य प्रदेश इसमें पिछड़ा ही रह गया। भोपाल में प्रदेश का एकमात्र साइबर थाना है, जबकि उत्तर प्रदेश में 75 हैं। पूरे देश की बात करें तो 500 से अधिक साइबर थाने हैं।

पुलिस मुख्यालय ने दो वर्ष पहले सभी जिलों में एक-एक साइबर थाना बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। वर्ष 2026-27 के बजट में राशि मिलने की आशा थी, पर अभी तक थानों के लिए बल ही स्वीकृत नहीं हुआ है।


634 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

बता दें, प्रदेश के लोगों से वर्ष 2025 में 634 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है, जिसमें 137 करोड़ रुपये ही होल्ड कराए जा सकें। इस मामले में पांच राज्य मध्य प्रदेश से बेहतर स्थिति में हैं। वर्ष 2020 के बाद से अब तक देखें तो मध्य प्रदेश में एक साइबर थाना तब भी था और अभी भी वही स्थिति है।

हरियाणा जैसे छोटे राज्य में दो थाने थे, जो अब बढ़कर 29 हो गए हैं। गुजरात में चार से बढ़कर 39, बिहार में एक से बढ़कर 44, केरल में 20, महाराष्ट्र में 47, राजस्थान में 34 और तमिलनाडु में 54 थाने संचालित हो रहे हैं।

साइबर थाने का लाभ यह है कि उसका अलग से अमला होता है, जिससे मात्र साइबर अपराधों की विवेचना करनी होती है। इससे आरोपित की पहचान, गिरफ्तारी, विवेचना जल्दी हो जाती है। मध्य प्रदेश में अभी साइबर के अपराध सामान्य थानों में भी दर्ज हो रहे हैं, जबकि वहां इसमें दक्ष अमला नहीं है।

पहले चरण में पांच से छह थाने खोलने को हो सकता है निर्णय

साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव सभी जिलों के लिए भेजा गया है, पर पहले चरण में उन जिलों में पांच से छह थानों के लिए शासन से स्वीकृति मिल सकती है, जहां साइबर अपराध की घटनाएं अधिक हो रही हैं। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा आदि जिले हो सकते हैं। इसका प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें- भोपाल में महाशिवरात्रि पर 500 किन्नर अपनाएंगे हिंदू धर्म का दावा, लालघाटी में जुटेगा समुदाय