
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव में साढ़े ₹6,500 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का रोडमैप प्रस्तुत होगा। सुनियोजित नगरीय विकास की संभावनाओं, निवेश प्रोत्साहन तथा आधुनिक शहरी अधोसंरचना को गति देने के उद्देश्य से आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधोसंरचना के कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण कर सकते हैं।
कॉन्क्लेव में प्रदेश के भावी शहरों की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं, डिजिटल गवर्नेंस, ग्रीन सिटी अवधारणा तथा पर्यावरण-अनुकूल सतत विकास जैसे विषयों पर विषय-विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में जल राशि के सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक प्रबंधन तथा प्रयुक्त जल के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्क्लेव में उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण विजन पर भी चर्चा होगी। इसका मुख्य ध्येय उपचारित जल का सुरक्षित एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर प्राकृतिक व ताजे जल स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना तथा जल संरक्षण को नगरीय विकास की मुख्यधारा का अनिवार्य अंग बनाना है।
इसके अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि एवं उद्यानों की सिंचाई सहित विभिन्न गैर-पेयजल आवश्यकताओं में उपचारित जल के उपयोग को प्राथमिकता देने और प्रोत्साहित करने के सुदृढ़ प्रावधान जैसे विषयों पर भी मंथन होगा।
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कान्क्लेव में अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख नगरीय विकास परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े दूरगामी रणनीतिक पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया जाएगा।
अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के साथ अनुबंध किए जाएंगे तथा संबंधित एजेंसियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न नगरों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रुपये है। इस वित्तीय नियोजन के माध्यम से इंदौर, उज्जैन और रीवा की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति दी जा रही है।