भर्ती परीक्षा स्थगित होने पर उठे सवाल: दिग्विजय सिंह ने कहा- गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच हो और अभ्यर्थियों को मुआवजा दे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 08 Jun 2026 08:57:50 AM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jun 2026 08:58:44 AM (IST)
HighLights
- जेल प्रहरी, वनरक्षक एवं अन्य भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली अचानक स्थगित होने पर विवाद
- दिग्विजय सिंह ने उच्च स्तरीय जांच और अभ्यर्थियों को खर्च की प्रतिपूर्ति की मांग की
- तकनीकी गड़बड़ी और परीक्षा संचालन एजेंसी की भूमिका पर उठे सवाल
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 की द्वितीय पाली को बिना पूर्व सूचना के स्थगित किए जाने पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उन्होंने भर्ती परीक्षा स्थगित किए जाने की उच्च स्तरीय जांच के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों को यात्रा, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों की प्रतिपूर्ति भी की मांग भी की है।
घंटों इंतजार के बाद स्थगित हुई परीक्षा
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, सागर, बालाघाट सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। प्रवेश और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षार्थियों को बताया गया कि परीक्षा लगभग 10 मिनट की देरी से शुरू होगी।
हालांकि, अभ्यर्थी घंटों तक परीक्षा प्रारंभ होने का इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में उन्हें अचानक परीक्षा केंद्र से बाहर जाने को कहा गया। इसके बाद जानकारी दी गई कि तकनीकी कारणों से परीक्षा स्थगित कर दी गई है और अब यह परीक्षा 20 जून को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी।
ब्लैकलिस्ट कंपनी को जिम्मेदारी देने का आरोप
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षा के संचालन का कार्य एक ऐसी कंपनी को सौंपा गया था, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तकनीकी और सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों के कारण परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी।
उन्होंने मांग की कि परीक्षा स्थगन के कारणों, जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।