
लाइफस्टाइल डेस्क। दीपावली पर ऑनलाइन खरीदारी, घर लौटने के लिए ट्रेन टिकट की बुकिंग और मोबाइल पर आने वाले शुभकामना संदेशों के बीच साइबर ठगों का जाल बिछा हुआ है। ठग आकर्षक ऑफर देकर ही नहीं, बल्कि रिटर्न-रिफंड, टिकट बुकिंग, गिफ्ट कार्ड और दीपावली के बधाई संदेशों के नाम पर भी लोगों को निशाना बना सकते हैं। भोपाल पुलिस की साइबर सेल ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर पिछले दिनों भोपाल में ठगी के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं, पिछले वर्षों में दीपावली के बधाई संदेश भेजने के नाम पर भी साइबर ठगी के मामले सामने आए थे। ठग शुभकामना कार्ड या गिफ्ट के नाम पर संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाकर लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए पुलिस एडवाइजरी भी जारी कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो ठगी के इस जाल से बचा जा सकता है।
ऑनलाइन शॉपिंग में फर्जी वेबसाइट बनाकर सस्ते सामान के नाम पर भुगतान कराया जाता है, लेकिन सामान नहीं मिलता या नकली उत्पाद भेजा जाता है। रिटर्न-रिफंड में सामान लौटाने या रिफंड दिलाने के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर एजेंट लिंक भेजते हैं या एपीके फाइल डाउनलोड करवाते हैं, जिससे मोबाइल का डाटा और बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ सकती है। ट्रेन टिकट बुकिंग में कंफर्म टिकट दिलाने या तत्काल टिकट कराने के नाम पर फर्जी वेबसाइट और एजेंट अग्रिम भुगतान लेकर गायब हो सकते हैं। दीपावली गिफ्ट कार्ड के नाम पर मुफ्त उपहार, बोनस या गिफ्ट कार्ड का लालच देकर अनजान लिंक पर क्लिक कराया जा सकता है या एपीके फाइल इंस्टॉल कराई जा सकती है।
बधाई संदेश के रूप में दीपावली की शुभकामनाओं वाले कार्ड, फोटो या वीडियो के नाम पर भेजी गई संदिग्ध एपीके फाइल इंस्टॉल करने से मोबाइल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठग सहायता के नाम पर ओटीपी, यूपीआई पिन या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति लेकर खाते से रकम निकाल सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए खरीदारी और ट्रेन टिकट के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। रिफंड पाने के लिए यूपीआई पिन डालने या ओटीपी बताने की जरूरत नहीं होती है, ऐसे किसी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया न दें। अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड न करें और व्हाट्सएप के सुरक्षा उपायों को लागू करें। गिफ्ट कार्ड या त्योहार के ऑफर की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या अपने बैंक और नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
त्योहारों के दौरान साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। किसी से ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी से भी स्क्रीन शेयर न करें। - (शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच, भोपाल)
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