
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति विधेयक का प्रारूप और रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इसे लेकर नई दिल्ली में शुक्रवार को समिति की बैठक हुई। इसमें अब तक जन परामर्श में आए सुझाव और विधेयक के प्रारूप पर चर्चा की गई। आदिवासियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने, मतांतरितों को दायरे में लाने, लिव-इन संबंधों के लिए पंजीयन जैसे प्रविधानों पर बैठक में विचार किया गया।
साथ ही यह भी बताया गया कि रिपोर्ट दो भागों में होगी। एक भाग में समिति की अनुशंसाएं रहेंगी तो दूसरे भाग में जन परामर्श का ब्योरा दिया जाएगा। प्रदेश में यूसीसी लागू करने को लेकर गठित समिति का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। जन परामर्श का काम पूरा हो चुका है। साढ़े नौ लाख से अधिक ऑनलाइन सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें अधिकतर चाहते हैं कि यूसीसी लागू हो।
साढ़े नौ लाख से अधिक मिले ऑनलाइन सुझावों में 49 प्रतिशत मुस्लिम भी इसके पक्ष में हैं। वहीं, 71 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने इसका समर्थन किया है। आदिवासियों को इसके दायरे से बाहर रखने और मतांतरितों को यूसीसी की परिधि में लाने के सुझाव मिले हैं। बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति समेत अन्य विषय जो समान नागरिक संहिता की विषय वस्तु हैं, उन पर विस्तार से चर्चा की गई।
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समिति सदस्य सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि समिति की रिपोर्ट की ड्राफ्टिंग अंतिम चरण में है। समिति की रिपोर्ट के दो भाग होंगे, जिसमें पहला भाग समिति की अनुशंसाओं और दूसरा समिति द्वारा किए गए जन परामर्शों से संबंधित होगा। बैठक में समिति द्वारा तैयार किए जा रहे विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई है। इस दौरान समिति के वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह सहित सदस्य अनूप नायर, गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर उपस्थित रहे।