
Drivers Strike in MP Day 2 Updates: भोपाल। हिट एंड रन कानून के विरोध में मध्य प्रदेश में ट्रक और बस चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है। इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में आज कालेज और स्कूल वाहन भी नहीं चले, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भोपाल में कुछ स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है। खरगोन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
आज भी सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। हड़ताल कर रहे चालकों के अनुसार तीन दिनों तक यह हड़ताल रहेगी। ऐसे में गांवों और दूसरे शहरों से आने वाले सामान की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है। दूध और किराना सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। उधर सब्जियों के रेट भी बढ़ने लगे हैं। प्रशासन और पुलिस पंपों पर पेट्रोल के टैंकर पहुंचा रहे हैं।
यात्री बसों के साथ ही स्कूल-कालेज बस व वेन चालक भी हड़ताल के समर्थन में आ गए हैं। भोपाल में स्कूल-कालेज बस एसोसिएशन के सरवर भाई ने बताया कि मंगलवार को स्कूल बसों व वैन को भी नहीं चलाया जा रहा है। इसके चलते भोपाल के कुछ निजी स्कूलों में पहले ही छुट्टी घोषित कर दी है। किसी स्कूल में 2 दिन तो किसी में एक दिन कक्षाएं नहीं लगेंगी।
वहीं, कुछ स्कूलों ने स्वजनों को फोन पर संदेश भेजकर कहा कि वे खुद बच्चों को स्कूल लाएं और लेकर जाएं। इससे मंगलवार सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने को लेकर अभिभावक परेशान होते नजर आए। जो स्कूल खुले हैं, उनमें बच्चों की उपस्थिति सामान्य दिनों की अपेक्षा कम नजर आई। बता दें कि अवकाश के बाद मंगलवार से स्कूल खुले हैं।
#WATCH | Madhya Pradesh: Long queues at petrol pumps in Indore as Transport Association, drivers protest against new law on hit and run cases. pic.twitter.com/bYcswcSmRc
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) January 2, 2024
इधर कैब, आटो, आपे आटो, मैजिक वाहन सहित अन्य यात्री वाहनों के चालक भी मंगलवार से हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ना तय है।
हड़ताल की वजह नए प्रविधान का विरोध है। नए प्रविधान में सड़क दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार होकर बच नहीं सकता। प्रविधान के मुताबिक वाहन चालक को पुलिस को सूचना देनी होगी। यदि सूचना नहीं दी और बाद में पकड़े गए तो 10 वर्ष का कारावास और सात लाख रुपये का अर्थदंड भी देना होगा।
आइपीसी की धारा 104 के तहत लापरवाही से मौत या फिर जल्दबाजी से हुई मौत के अपराध में पहले दो वर्ष की सजा या जुर्माना या फिर दोनों का प्रविधान था।
बता दें कि जब चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते समय किसी व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य या संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है और फरार हो जाता है तो हिट एंड रन का केस दर्ज होता है ।