राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । प्रदेश के पिछड़े जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, स्क्रैपिंग, वाहन फिटनेस सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों की स्थापना में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार वित्तीय और तकनीकी मदद प्रदान करेगा।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर भारत सरकार ने देश में 120 एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट (आकांक्षी जिला) चिह्नित किए हैं। ये वे जिले हैं जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हैं।
केंद्र सरकार की पहल
मप्र में ऐसे जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग, स्क्रैपिंग, वाहन फिटनेस सेंटर खोलने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और पुराने व प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को विज्ञानिक तरीके से स्क्रैप करना है।
आठ आकांक्षी जिलों चिह्नित
देश के 120 जिलों में मप्र के 8 जिले छतरपुर, दमोह, बड़वानी, राजगढ़, विदिशा, गुना, सिंगरौली, खंडवा चिह्नित किए गए हैं। इन जिलों को स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, बुनियादी ढांचे, और वित्तीय समावेशन जैसे सामाजिक-आर्थिक मानकों पर पिछड़े होने के कारण तेजी से विकास (कायाकल्प) के लिए चुना गया है।
पुरानी बसों के स्क्रैप के लिए सरकार इंसेटिव भी देगी। प्रदेश में 8 ऑपरेशन स्क्रैपिंग सेंटर हैं, 21 और स्क्रैपिंग सेंटर की आवश्यकता हैं। प्रदेश में 30 आपरेशन टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) हैं, छह और बनाने की आवश्यकता हैं। 29 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत किए हैं, 61 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल प्रस्तावित हैं।