
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत करने के अवसर पर कहा कि मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन सेवा का एक दौर ऐसा भी था, जब बसों में घंटी छोड़कर सब बजता था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि एक हजार लोगों के लिए आठ बसें चाहिए लेकिन हमारे देश में एक हजार लोगों पर केवल दो बसें ही हैं। प्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की आवश्यकता है।
बोले- मैं तो मध्य प्रदेश में ऐसा मॉडल बना दूंगा कि 25 हजार बसें बिना पैसे के खरीद लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सभी सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए डिजाइन तैयार किए हैं।
सिटी बसों में हाइड्रोलिक सिस्टम होगा, बस की ऊंचाई कम की जा सकेगी, बुजुर्गों का बसों में चढ़ना आसान होगा। बसों में व्हीलचेयर, रैंप, हैंडल की व्यवस्था होगी। गडकरी ने कैब एग्रीगेटर्स के साथ जुड़ने पर बल दिया। कहा कि राज्य सरकारों को इस दिशा में कार्य करना होगा, मध्य प्रदेश में इस पहल से 40 से 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
बसों के सुरक्षा मानकों को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि मैनुअल बस बॉडी बिल्डर का पंजीयन अब केवल टेस्टिंग एजेंसी से टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद किया जाएगा। नए सुरक्षा नियम में हर बस के लिए अलग चेक लिस्ट तैयार की जाएगी और इसे वाहन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डीजल पेट्रोल के संकट के दौर में ई-बस बेहतर विकल्प है। अब तो ट्रैक्टर भी इलेक्ट्रिक चल रहे हैं। आदिवासी अंचल में कठिनाई का माहौल था। टेम्पो जैसे ओवरलोडेड वाहनों में चलते थे। असुरक्षित वाहनों से लोग दुर्घटना का शिकार होते थे। हमारी सरकार जनता की सुविधा के लिए अत्याधुनिक बसें चला रही है। बस में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन, यात्री सुरक्षा के साथ ड्राइवरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा है।
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