• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

एमपी में अटकी 'द्वारका नगरी योजना', 5 हजार करोड़ के बजट का काम टला, विभाग का दावा- अक्टूबर तक तैयार होगी गाइडलाइन

MP Dwarka Nagari Yojana: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी 'द्वारका नगरी योजना' के तहत विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। योजना की गाइडलाइन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 06:14:09 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 06:14:09 PM (IST)
एमपी में अटकी 'द्वारका नगरी योजना', 5 हजार करोड़ के बजट का काम टला, विभाग का दावा- अक्टूबर तक तैयार होगी गाइडलाइन
गाइडलाइन के फेर में अटकी द्वारका नगरी योजना। (AI Generated Image)

HighLights

  1. गाइडलाइन के फेर में अटकी द्वारका नगरी योजना
  2. बजट घोषणा के 7 महीने बाद भी नहीं बने नियम
  3. अक्टूबर तक तैयार होगी योजना की गाइडलाइन

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी 'द्वारका नगरी योजना' के तहत विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। योजना की गाइडलाइन न बनने से विकास कार्य अटके हुए हैं। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के विकास कार्य और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए द्वारका नगरी योजना की आधिकारिक घोषणा 18 फरवरी 2026 को प्रदेश सरकार के बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) के दौरान की गई थी।

उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट भाषण देते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया था। योजना एक अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से लागू मानी गई। सरकार ने इसे तीन वर्ष की अवधि (त्रिवर्षीय मेगा योजना) के भीतर पूरा करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतारा।


अक्टूबर तक योजना की गाइडलाइन तैयार कर ली जाएगी

योजना का उद्देश्य वार्ड स्तर पर सड़क, जलप्रदाय, सीवरेज, ऊर्जा बचत और ई-गवर्नेंस जैसी शहरी सेवाओं में सुधार करना है, लेकिन गाइडलाइन न बनने से अब तक काम शुरू नहीं हुए हैं। हालांकि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अगले माह अक्टूबर तक योजना की गाइडलाइन तैयार कर ली जाएगी।

5 हजार करोड़ रुपये का बजट और वित्तीय संरचना

राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में द्वारका नगरी योजना वित्त वर्ष 2026-27 में 2201.20 करोड़ रुपये अनुदान (शून्य प्रतिशत ब्याज पर राज्य शासन द्वारा ऋण) एवं 2798.80 करोड़ रुपये ऋण (वित्तीय संस्थाओं द्वारा) सहित कुल पांच हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अनुदान के रूप में ली गई ऋण राशि 2201.20 करोड़ रुपये का पुनर्भुगतान विभाग द्वारा 25 वर्ष बाद पांच समान वार्षिक किस्तों में किया जाएगा।

नगरीय निकायों द्वारा लिए जाने वाले ऋण एवं इस पर लगने वाले ब्याज का पुनर्भुगतान राज्य शासन एवं निकायों द्वारा 20 वर्षों में राज्य शासन के मुद्रांक शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि से किया जाएगा। साथ ही शहर की मास्टर प्लान की सड़कों का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जा सकेगा। इसमें मेट्रोपॉलिटन रीजन को ध्यान में रखते हुए कार्य कराए जा सकेंगे। केंद्र सरकार की प्रोत्साहन आधारित योजना अर्बन चैलेंज फंड की गैप फंडिंग द्वारका नगरी योजना से की जा सकेगी।

यह भी पढ़ें- अतिथि शिक्षक भर्ती में धांधली का आरोप, पीड़ित अभ्यर्थी ने DEO से की लिखित शिकायत, कोर्ट जाने की दी चेतावनी

यह है खास

  • नगरीय क्षेत्रों में आवास निर्माण: 2,316 करोड़ रुपये के कार्य।
  • अमृत 2.0 योजना: 3,467 करोड़ रुपये के कार्य।
  • शहरों की सड़कों की मरम्मत: 349 करोड़ रुपये।
  • मूलभूत सेवाओं के लिए अनुदान: नगरीय निकायों को वर्ष 2026-27 में 1,057 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान।