
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में करीब सवा लाख आवारा श्वान हैं, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। निगम के अनुसार, शहर में नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए अरवलिया, आदमपुर छावनी और कजलीखेड़ा में तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर संचालित हैं।
इन केंद्रों पर प्रतिदिन 20 से 25 श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण किया जा रहा है। नगर निगम हर साल करीब 25 हजार श्वानों की नसबंदी करने का दावा करता है। इसके बावजूद शहर में इनकी संख्या में कमी नहीं आ रही है।
पिछले पांच वर्षों में नसबंदी और टीकाकरण पर 8.56 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। भानपुर में नए नसबंदी केंद्र का निर्माण जारी है। वहीं, कोर्ट के निर्देश के बावजूद शहर में अब तक एक भी स्थायी डॉग शेल्टर नहीं बन सका है। कालापानी में प्रस्तावित 1000 श्वानों वाले डॉग शेल्टर का काम अभी शुरू नहीं हो सका है।
यह भी पढ़ें- भोपाल में फिर पकड़ी गई गैस चोरी, 98 सिलिंडर जब्त, बांसुरी की मदद से चुराते थे गैस