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मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार... बनेगा 8 लेन एक्सप्रेसवे, इन 11 जिलों की बदलेगी तस्वीर

देश में गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के तटों पर आधुनिक सड़कें बनाकर कनेक्टिविटी बेहतर की जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 05:01:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 05:01:52 PM (IST)
मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार... बनेगा 8 लेन एक्सप्रेसवे, इन 11 जिलों की बदलेगी तस्वीर
मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार... बनेगा 8 लेन एक्सप्रेसवे

HighLights

  1. नर्मदा किनारे बनेगा 8 लेन एक्सप्रेसवे, 11 जिलों को मिलेगी रफ्तार
  2. गुजरात, MP और छत्तीसगढ़ जुड़ेंगे, 30 नेशनल हाईवे से होगी कनेक्टिविटी
  3. 31 हजार करोड़ की लागत से बनने वाला प्रोजेक्ट 'नर्मदा प्रगति पथ'

डिजिटल डेस्क। देश में गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के तटों पर आधुनिक सड़कें बनाकर कनेक्टिविटी बेहतर की जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी के किनारे 'नर्मदा एक्सप्रेसवे' के निर्माण की तैयारी है। 6 से 8 लेन वाला यह नेशनल हाईवे मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी छोर को आपस में जोड़ेगा। 'ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट' के तौर पर विकसित होने वाला यह मार्ग गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित करेगा।

नर्मदा के उद्गम स्थल से लेकर गुजरात की सीमा तक यह मार्ग मध्य प्रदेश के 11 प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा। लगभग 31,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को अब 'नर्मदा प्रगति पथ' का नाम दिया गया है। एनएचएआई (NHAI) द्वारा इसके रूट में कुछ बदलाव किए गए हैं और जल्द ही इसकी संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सामने आने की उम्मीद है।


नर्मदा प्रगति पथ (एक्सप्रेसवे) की मुख्य विशेषताएं

  • परियोजना का स्वरूप: 6 से 8 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
  • मध्य प्रदेश में कुल लंबाई: 906 किलोमीटर
  • गुजरात तक प्रस्तावित कुल मार्ग: 1,300 किलोमीटर
  • लाभान्वित राज्य: मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़
  • कुल अनुमानित बजट: 31,000 करोड़ रुपये
  • भविष्य की योजना: यातायात के दबाव को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तारित किया जाएगा।

प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ेगा मार्ग

यह एक्सप्रेसवे राज्य के प्रमुख प्रशासनिक मुख्यालयों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों को एक सूत्र में पिरोएगा। यह मार्ग अमरकंटक (कबीर चबूतरा) से शुरू होकर डिंडोरी, जबलपुर, ओबेदुल्लागंज, बुधनी, नसरुल्लागंज, संदलपुर, कर्नाड, इंदौर, धार और सरदारपुर-झाबुआ से होते हुए मध्य प्रदेश-गुजरात सीमा तक जाएगा।

30 नेशनल हाईवे से होगी कनेक्टिविटी, इन क्षेत्रों से गुजरेगा रूट

नर्मदा तट के आसपास के शहरों और कस्बों को शामिल करने से यह मार्ग देश के करीब 30 राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) से सीधे जुड़ जाएगा। यद्यपि इसका अंतिम मानचित्र अभी जारी नहीं हुआ है, फिर भी यह मार्ग अनूपपुर, डिंडोरी, शाहपुरा, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, खिरकिया, हरदा, हरसूद, मुंडी, खंडवा, सनावद, बड़वाह, ओंकारेश्वर, महेश्वर, बड़वानी और अलीराजपुर जैसे क्षेत्रों को आच्छादित करेगा।

सड़क किनारे विकसित होंगी जन-सुविधाएं

एक्सप्रेसवे पर यात्रियों, पर्यटकों और माल वाहकों की सहूलियत के लिए आधुनिक 'पब्लिक यूटिलिटी सेंटर' बनाए जाएंगे। मार्ग में जगह-जगह पेट्रोल पंप, पुलिस स्टेशन, रेस्टोरेंट, भोजनालय, बस स्टैंड, लॉज, होटल और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

पर्यटन, उद्योग और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाला यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को बदलेगा:

  • औद्योगिक विकास: मार्ग के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स और लॉजिस्टिक हब्स विकसित होंगे।
  • रोजगार के अवसर: गुजरात से सीधा संपर्क होने के कारण व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • पर्यटन व रियल एस्टेट: नर्मदा किनारे बसे धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों पर पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे स्थानीय रियल एस्टेट और टूरिज्म सेक्टर में तेजी आएगी।

योजना का अब तक का घटनाक्रम

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह के अनुसार...

  • मई 2020: नर्मदा एक्सप्रेसवे योजना पहली बार प्रस्तावित की गई।
  • वर्ष 2021: मध्य प्रदेश वाले हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को मंजूरी मिली।
  • फरवरी 2022: राज्य के 906 किमी लंबे हिस्से के निर्माण की योजना को अंतिम स्वीकृति दी गई।
  • वर्तमान में 'नर्मदा प्रगति पथ' के संशोधित रूट के अनुसार नई डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके पूर्ण होते ही भूमि अधिग्रहण और टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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