
अनुज मैना, नमन मिश्रा, नवदुनिया, भोपाल। एमपी नगर में डीबी माल के सामने 27 सितंबर को युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत हुई थी। हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्युत खंभों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए, लेकिन नवदुनिया ने इन निर्देशों के एक सप्ताह बाद शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट के खंभों की पड़ताल की तो तस्वीर डराने वाली मिली।
नवदुनिया की टीम ने तीन रात में छह प्रमुख स्थानों पर 235 खंभे जांचे गए और 24 जगह केबल में बने कट से झांकते तारों में करंट दौड़ता मिला। सुभाष नगर ओवरब्रिज पर तो स्ट्रीट लाइट के खंभे में ही करंट मिला। यानी दिव्यऋषि की जान लेने वाला खतरा हादसे के बाद भी शहर की सड़कों से खत्म नहीं हुआ है।
सबसे गंभीर तस्वीर वीआइपी रोड की है, जहां 124 खंभों में 17 जगह तार बाहर निकले और 13 में करंट मिला। ये नंगे तार सेंट्रल वर्ज के पौधों के बीच पांच से दस मीटर तक फैले हैं। रात में दिखाई नहीं देने वाले ये तार रोज सड़क पार करने और घूमने आने वाले लोगों के लिए किसी खुले बिजली जाल से कम नहीं हैं। राजभवन जैसे वीआइपी इलाके के पास भी आठ में सात खंभों से तार बाहर मिले और छह में करंट था।
सुभाष नगर ओवरब्रिज पर नवदुनिया की टीम ने स्ट्रीट लाइट के कुल 68 खंभों की जांच की। इनमें से एक खंभे में करंट मिला। सबसे गंभीर बात यह रही कि नगर निगम की विद्युत शाखा की टीम ने इससे एक दिन पहले ही इन खंभों की जांच की थी और खामियां सुधारने का दावा किया था।
इसके बावजूद अगले दिन खंभे में करंट मिल गया। ओवरब्रिज से लगातार लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में खंभे में करंट होना गंभीर खतरा है। सवाल यह भी है कि यदि विद्युत शाखा ने जांच की थी तो खंभे में करंट कैसे रह गया?
कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर से मछलीघर तिराहे तक सेंट्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइट के आठ खंभे लगे हैं। नवदुनिया की जांच में इनमें से सात खंभों से केबल के तार बाहर निकले मिले, जबकि छह खंभों के इन तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था।
खास बात यह है कि इसी हिस्से में पक्षियों और जानवरों की आकृति वाली सजावटी लाइटें लगाई गई हैं। इन्हें देखने और सेल्फी लेने के लिए लोग रुकते हैं। ऐसे में बाहर निकले तारों में करंट होना कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
वीआइपी रोड पर नवदुनिया की पड़ताल में सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति सामने आई। यहां कुल 124 स्ट्रीट लाइट खंभों की जांच की गई। इनमें 17 जगह केबल से तार बाहर निकले मिले और 13 जगह इन तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था।
सड़क के बीच सेंट्रल वर्ज में लगे पौधों के बीच खंभों से जुड़े तारों में पांच से दस मीटर तक कट बने हुए हैं, पौधों में छिपे होने से ये तार आसानी से दिखाई नहीं देते, खासकर रात में। इसी रास्ते पर रोज बड़ी संख्या में लोग घूमते हैं। राजा भोज की प्रतिमा के पास फोटो लेने और गौहर महल जाने के लिए लोग सड़क पार करते हैं। ऐसे में ये तार गंभीर खतरा हैं।
सीएम हाउस के पास भी स्ट्रीट लाइट के खंभों की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं मिली। नवदुनिया की टीम ने यहां कुल 11 खंभों की जांच की। इनमें से एक खंभे से केबल के बाहर तार निकला हुआ था।
हालांकि, जांच के दौरान इस तार में करंट नहीं मिला, लेकिन केबल से तार का बाहर निकलना अपने आप में विद्युत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करता है। खुले या बाहर निकले तार कभी भी क्षतिग्रस्त होकर करंट प्रवाहित कर सकते हैं।
राजा भोज सेतु पर स्ट्रीट लाइट के खंभों की स्थिति अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर मिली। नवदुनिया की टीम ने यहां कुल 24 खंभों की जांच की। जांच के दौरान किसी भी खंभे से केबल के बाहर तार निकला हुआ नहीं मिला।
वहीं किसी खंभे या तार में करंट भी नहीं मिला। यानी इस हिस्से में विद्युत व्यवस्था जांच के दौरान सुरक्षित स्थिति में मिली। हादसे के बाद यहां खंभों के खुले हिस्से को टेप लगाकर बंद कर दिया गया है।
एमपी नगर में डीबी माल के सामने 27 सितंबर को युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत हुई थी। हादसे के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। नवदुनिया की टीम जब मौके पर पहुंची तो यहां लगी सभी स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी मिलीं। हादसे के बाद लाइट बंद कर दी गई, लेकिन इससे विद्युत व्यवस्था की खामी दूर नहीं होती।
नवदुनिया की टीम ने पड़ताल के दौरान जिन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट के खंभों या बाहर निकले तारों में करंट मिला, उनकी सूची मंगलवार रात करीब नौ बजे नगर निगम को सौंप दी। इसका उद्देश्य सिर्फ खामियों को सामने लाना नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए इन्हें समय रहते दुरुस्त कराना भी था। करंट वाले स्थानों की जानकारी जिम्मेदारों तक पहुंचाने के बाद अब इन खामियों को कितनी जल्दी दूर किया जाता है, यह देखना अहम होगा।
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सवाल: एमपी नगर में डीबी माल के सामने हादसे में एक युवक की मौत हो चुकी है। इसके बाद निगम द्वारा क्या कार्रवाई की गई?
जवाब: इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने चार सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर विद्युत शाखा के सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया है, जबकि विद्युत शाखा के कार्यपालन यंत्री को निलंबित करने के लिए ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजा है।
सवाल: कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट के खंभों से तार बाहर निकाल रहे हैं, जिनमें करंट आ रहा है।
जवाब: सभी संवेदनशील स्थानों की नगर निगम की टीम मौके पर जाकर जांच कर रही हैं। लगातार सुधार का काम किया जा रहा है।
सवाल: सुभाष नगर में निगम की टीम ने जांच के बाद ही खंभे में करंट मिला। इसे कैसे देखती हैं?
जवाब: स्ट्रीट लाइट के खंभों की जांच कराई जा रही है, जहां भी करंट आने की शिकायतें मिल रहीं हैं, उन्हें तत्काल सुधारने के लिए काम किया जा रहा है।